हत्या के गवाह की हत्या कर दुर्घटना का रूप देने वाले दो अभियुक्तों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। एक अन्य अभियुक्त रविवार को ही मेंहनगर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस लाइन में एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने पत्रकारों को बताया कि 2019 में मेंहनगर थाना क्षेत्र के मालपार गांव निवासी अवधेश यादव की फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। जिसमें अवधेश की पत्नी गीता की तहरीर पर बेलास यादव, कमलेश यादव, सतीश यादव व अनिल यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना में कमलेश की नामजदगी गलत पाते हुए पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 2021 में कमलेश ने साजिश के तहत कैलाश यादव के पैर में गोली मार कर उसकी पत्नी से थाने में बंटी, रामदुलार, चंदन, शुभम व रंजना के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया। विवेचना में नामजद आरोपी निर्दोष पाए गए। जिस पर पुलिस ने वादी मुकदमा मालती देवी के अलावा अनिल, गोलू, कैलाश, पूजा व श्रवण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 2019 में हुई अवधेश यादव हत्याकांड के मुख्य गवाह रामदुलार यादव थे। रामदुलार यादव को 21 फरवरी 2023 में आरोपियों ने निहोरगंज बाजार से अगवा कर लिया और गवाही न करने का दबाव बनाया। रामदुलार ने इंकार कर दिया तो उसकी हत्या कर दी गई और शव गाजीपुर जिले के खानपुर थाना अंतर्गत अठगांवा गांव के पास सड़क पर फेंक कर हत्या को हादसा दिखाते हुए खानपुर थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया। जिस पर अवधेश हत्याकांड की वादी मुकदमा ने एडीजी जोन को प्रार्थना पत्र देकर आजमगढ़ पुलिस ने रामदुलार हादसा कांड की जांच कराने की मांग किया। जिस विवेचना देवगांव कोतवाली पुलिस को दी गई। विवेचना में पुष्ट हुआ कि अवधेश हत्याकांड के गवाह की हत्या हुई थी। जिसके बाद अनिल यादव, दिनेश यादव, चंद्रजीत यादव, झिनक यादव, कमलेश यादव, बेलास यादव, तहसीलदार यादव, आशीष यादव व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सोमवार को देवगांव कोतवाली पुलिस ने आशीष व तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि चंद्रजीत यादव रविवार को ही मेंहनगर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी सिटी ने बताया कि अन्य की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।