आजमगढ़। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में ट्यूबवेल ऑपरेटर के पद पर कार्यरत 25 आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने सोमवार को बीजेपी जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी व ईओ नगरपालिका को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें 14 माह से बकाया चल रहे मानदेय के भुगतान की मांग की गई। नपा कार्यालय पर भाजपा नेता व ईओ के बीच कहासुनी भी हो गई और दोनों ने एक दूसरे पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। नगर पालिका कार्यालय पर जुटे ट्यूबवेल ऑपरेटरों का आरोप है कि बीते 14 माह से उनका मानदेय बकाय चल रहा है। जिसके चलते वे भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है। कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि नपा प्रशासन सरकार को बदमान करने के लिए आऊट सोर्स कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान नहीं कर रही है। जबकि बोर्ड फंड में प्रतिमाह 20 से 25 लाख रुपये आ रहा है, जिसे सिर्फ डीजल व चुना के नाम पर फर्जी ढंग से खर्च कर सरकारी धन का बंदरबाट किया जा रहा है। न तो चेयरमैन न ही ईओ ही कर्मचारियों की जायज मांग को सुन रहे है। वहीं इस बाबत जब ईओ मनोज सिंह ने बात की गई तो उन्होंने कहा कि बजट का आभाव है, जिसके चलते हमल रेगुलर कर्मचारियों के वेतन का ही भुगतान नहीं कर पा रहे है। जहां तक आउट सोर्सिंग कर्मियों के मानदेय की बात है तो वे ठेकेदार के माध्यम से तैनात कर्मचारी है। ठेकेदार मानदेय भुगतान कर बिल लगाता है तो उसका भुगतान बजट होने पर नपा करता है, लेकिन ठेकेदार द्वारा ऐसा नहीं किया गया है। बजट की डिमांड की गई है। बजट आते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
भाजपाई ही कर रहे सरकार को बदनाम
आजमगढ़। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह ने ईओ पर सरकार को बदमान करने का आरोप लगाया। जिस पर ईओ मनोज सिंह भी भड़क उठे। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग ही सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे है। जिला उपाध्यक्ष मेरे अब तक के कार्यकाल में तीसरी बार कार्यालय आए और मुझे अपशब्द करने के साथ ही दुर्व्यवहार कर के गए है। जिसकी शिकायत मैने उच्चाधिकारियों से कर दिया है। इसके साथ ही जिला उपाध्यक्ष पर कार्रवाई को लेकर मैं ऊपर तक शिकायत करूंगा। आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष का यह चुनावी स्टंट है जो सरकार को बदराम करने का काम कर रहा है।
अप्रैल से अब तक 10 करोड़ की हुई वसूली
आजमगढ़। भाजपा नेता अजय सिंह ने कहा कि नपा प्रशासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 10 करोड़ रुपये की वसूली गृहकर व जलकर के रूप में किया है। यह आकड़ा नपा के विभागीय लोगों द्वारा ही दिया गया है। प्रतिमाह तेल व अन्य खर्च के नाम पर आठ से दस लाग रुपये खर्च होता है, लेकिन फर्जीवाड़ा कर प्रतिमाह 14 से 15 लाख का बजट बनाया जाता है। ईओ मुझ पर दबाव बनाने का आरोप लगा रहे है। मैं कर्मचारियों के वेतन भुगतान, नाला-नाली के निर्माण की मांग करता हूं तो क्या गलत करता हूं। सत्तापक्ष से जुझा हूं और चेयरमैन का चुनाव भी लड़ चुका है। ऐसे में उनका आरोप लगत है।