पुराने उप डाकघर के बगल में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का समापन सोमवार को हुआ। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। जयकारे से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा। समापन पर भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा मिलन की अत्यंत भावपूर्ण झांकी निकाली गई। इस झांकी को देखने के लिए भीड़ उमड़ी। कथा वाचक अनूप पांडेय ने प्रवचन में श्रीकृष्ण और सुदामा की अटूट मित्रता, सच्चे प्रेम और भक्ति का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सच्ची मित्रता में न धन-दौलत का भेद होता है और ना ही पद-प्रतिष्ठा का, बल्कि उसमें केवल प्रेम और समर्पण होता है। समापन पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। संवाद