सिधारी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर प्रयास सामाजिक संगठन की ओर से नरौली स्थित कार्यालय पर विचार गोष्ठी हुई। लोगों ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और देश की आजादी, एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प लिया।
राणा बलवीर सिंह ने सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे महान देशभक्त थे, उनमें देशभक्ति का जज्बा कूट कूट कर भरा था। उन्होंने भारत के लिए पूर्ण स्वराज का सपना देखा था। अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि कि भारत को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए आंदोलन के दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई को तेज करने के लिए आजाद हिंद फौज का गठन किया। उन्होंने भारतीयों पर अंग्रेजों द्वारा किऐ जा रहे जुल्म और ज्यादती का पुरजोर विरोध किया। नेता जी ने तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा और जय हिंद का नारा दिया था। वह क्रांतिकारी विचारों के व्यक्ति थे। इस मौके पर सचिव इंजी सुनील यादव, किशन कुमार, इंजी अमित यादव, डीएन सिंह, घनश्याम मौर्य, अंगद साहनी आदि मौजूद रहे। संचालन आदित्य आजमी ने किया।