आजमगढ़। नगर क्षेत्र में वर्षों से खुले में रखे गए कई ट्रांसफार्मरों को विभाग सुरक्षित नहीं कर पाया है। सड़क के किनारे खुले में रखे गए यह ट्रांसफार्मर हमेशा दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। छह माह पूर्व ही स्टीमेट बनाकर वाराणसी कार्यालय को भेजा जा चुका है लेकिन संस्तुति अभी तक नहीं मिल पाई है। इससे खुले में रखे ट्रांसफार्मरों की घेराबंदी नहीं हो सकी है। शहर डिवीजन में 42 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर सड़क किनारे चबूतरा बनाकर ट्रांसफार्मर रखा गया है। लेकिन कई जगहों पर इन ट्रांसफार्मरों को जाली आदि लगाकर सुरक्षित नहीं किया गया है। जिसके कारण सड़के के किनारे से गुजरने वाले लोगों को हमेशा भय बना रहता है। शहर के बदरका, सिधारी, सिविल लाइन, ठंडी सड़क, चर्च चौराहा, लालडिग्गी रोडवेज के पास आदि स्थानों पर यह ट्रांसफार्मर खुले में रखे गए हैं। सड़क किनारे से प्रतिदिन राहगीर, साइकिल सवार व स्कूली बच्चे आते जाते हैं। बिजली होने के कारण हमेशा भय बना रहता है। शहर में बंदरों की तादाद काफी है। इसके अलावा छुट्टा पशु हमेशा ट्रांसफार्मरों के किनारे विचरण करते रहते हैं। बरसात के समय तो कई ट्रांसफार्मरों के किनारे पानी लगा रहता है। जिससे करंट उतरने का डर बना रहता है। इन ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने के लिए विभाग द्वारा स्टीमेट बनाकर छह माह पूर्व ही एमडी कार्यायल बनारस संस्तुति के लिए भेजा गया लेकिन अभी तक वहां से संस्तुति ही नहीं मिल पाई। जिसके कारण इन्हें सुरक्षित करने की टेंडर प्रक्रिया का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। कई ट्रांसफार्मर तो दुकानों के आसपास हैं। जहां प्रतिदिन सैकड़ों ग्राहक आते जाते हैं।