आजमगढ़। पांचवें आजमगढ़ अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव का मंगलवार को इश्तियाक खान की फिल्म “द्वंद” के प्रदर्शन के साथ समापन हो गया। इसके बाद मशहूर कलाकार इश्तियाक खान की मास्टर क्लास लगी। उन्होंने दर्शकों से सीधा संवाद किया। सूत्रधार संस्थान की ओर से आयोजित तीसरे और अंतिम दिन के प्रथम सत्र में सुप्रसिद्ध लेखक पंकज दुबे की शॉर्ट फिल्म “मराठा मंदिर” का प्रदर्शन हुआ। फिल्म मुंबई के कमाठीपुरा स्थित वेश्याओं के जीवन पर आधारित एक सत्य घटना से प्रेरित है। किस प्रकार एक फिल्म को देखकर एक वेश्या की बेटी का जीवन जीने का नजरिया बदलता है। फिल्म के जरिए उसे प्रदर्शित किया गया।
दूसरी शार्ट फिल्म निर्देशक अजय चिटनिस की फिल्म “पायल चावला” द माइंड दैट मैटर्स का प्रदर्शन हुआ। यह फिल्म देश के कामकाजी महिलाओं के जीवन पर आधारित है। जिसमें दिखाया प्रकार कामकाजी महिलाओं को गर्भधारण व डिलिवरी के बाद उनकी कंपनी के उच्च पदाधिकारियों की ओर से उनके ऊपर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाकर उनका सेवाकाल समय पूर्व खत्म किया जाता रहा है। सत्य घटना पर आधारित इस फिल्म की सभी ने प्रशंसा की।
तीसरी शॉर्ट फिल्म जाने माने फिल्म अभिनेता इस्तियाक खान की अभिनित शॉर्ट फिल्म “द लास्ट मिल” जो अनछुए पहलुओं की एक सत्य घटना से प्रेरित फिल्म है। निर्देशक केतकी पांडे की फिल्म जो की सरदार भगत सिंह के जीवन पर आधारित व जेल में उनके अंतिम दिनों की मार्मिक जीवन गाथा है। फिल्म में दिखाया गया दृश्य कि किस प्रकार भगत सिंह अपने जेल कोठरी की साफ सफाई करने वाले अछूत कर्मचारी से अपने घर से मक्के की रोटी व सरसों के साग खाने की मांग लगातार करता रहता है। लेकिन कर्मचारी मोंगा समाज के छुआछूत के बंधनों व लोकलाज समाज के डर के कारण ऐसा करने से बार बार मना करता रहता है पर भगत की जिद के आगे मोंगा हार मान जाता है। द लास्ट मिल देख दर्शकों की आंखें नम हो गई। फिल्म के समापन पर अभिनेता का दर्शकों से संवाद हुआ जहां उन्होंने अपने फिल्म के अनुभव साझा किए। इसके बाद देर शाम इश्तियाक खान की द्वंद के साथ इस फिल्म समारोह का समापन हुआ।
रंगमंच आज भी हमारा पहल प्रेम, निरंतर करती हूं नाटक: हिमानी शिवपुरी
आजमगढ़। मंगलवार को फिल्म समारोह में पहुंची अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने बताया कि कैसे वो उत्तर प्रदेश अब उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों से मुंबई की अभिनय यात्रा कर सैकड़ों फिल्मों में काम किया। उन्होंने बताया कि वह दून स्कूल उत्तराखंड से पढ़ी हैं व अभिनय की शिक्षा देश के जाने माने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय एनएसडी से ली। आलोकनाथ, नीना गुप्ता और रीमा के साथ उन्होंने पढ़ाई की व फिल्मों में उनके साथ काम किया। रंगमंच आज भी उनका पहला प्रेम है और वो निरंतर नाटक कर रहीं हैं। अभिनय वास्तव में रंगमंच के मुकाबले फ़िल्मों में उनके अभिनय का नाम मात्र ही दिखा है। अभिनय और फिल्मों को लेकर नज़रिया समय के साथ बदल जाता है जब आप कामयाब होते हैं।