आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारो दूल्हा में बड़का कमाल सखिया की स्वर लहरी छिड़ी तो दर्शक दीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था शहर के पॉलिटेक्निक कालेज में आयोजित आजमगढ़ महोत्सव का। मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर ने इस गीत से मंच जीत लिया। सुरीले लोकगीतों से लोग झूम उठे। सूफी गीत और भजनों की प्रस्तुति से उन्होंने माहौल में रंग लाने की रही-सही कसर भी पूरी कर दी।
मैथिली ने कार्यक्रम की शुरुआत से ही माहौल बना दिया। लोग उनके गीत आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारो दूल्हा में बड़का कमाल सखिया पर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। पहले तालियां बजाईं और फिर थिरकने लगे। रामजी से पूछे जनकपुर क नारी, बतावा पहुना फिर कहिया ले अइबा..., सुनाकर सिलसिले को मैथिली ने आगे बढ़ाया।
सूफी गीत छाप तिलक सब छीनी मोसे नैना मिलाय के से उन्होंने माहौल को कुछ देर के लिए शास्त्रीय रूप देने की सफल कोशिश की। डेढ़ घंटे का कार्यक्रम कब बीत गया श्रोताओं को पता ही नहीं चला। मैथिली ठाकुर के टीम में तबले और ढोलक के साथ दोनों भाई ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर भी शामिल रहे।
वहीं मैथिली ठाकुर के साथ सेल्फी लेने की होड़ देखने को मिली। इस बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। इससे पहले जनपद के प्रभारी और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने जिला प्रशासन और जनपदवासियों को महोत्सव की सफलता की बधाई दी।