कोतवाली समेत तीन थाना क्षेत्रों में अलग-अलग हुई खुदकुशी की तीन घटनाएं हुईं। जिसमें तीन लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी। एक ने लिखे गए सुसाइड नोट में खुदकुशी का कारण कर्ज से दबा होना बताया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना किया।
सरायमीर : थाना क्षेत्र के चक कोट गांव निवासी रामअनुज 55 रविवार की रात खाना खाने के बाद घर में सो रहे थे। देर रात न जाने कब वह घर से निकले और गांव से 100 मीटर की दूरी पर स्थित चिलबिल के पेड़ से रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया। भोर में गांव के कुछ लोग शौच के लिए जा रहे थे तो उनकी नजर लाश पर पड़ी। सूचना पर परिजन व ग्रामीण जुट गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतरावाया। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिस पर उसने लिखा है कि वह काफी कर्ज से दबा होने से खासा परेशान है। इसी के चलते उसने यह यह कदम उठाया है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। यह भी लिखा कि उसके बिना पोस्टमार्टम कराए शव परिजनों को सौंप दिया जाए। वह एक पुत्र व चार पुत्रियाें का पिता था। पुत्र रोजीरोटी के लिए मुम्बई रहता है।
बलरामपुर : शहर कोतवाली के उकरौड़ा गांव निवासी जितेंद्र प्रजापति 38 का शव सोमवार की सुबह हाफिजपुर स्थित देशी शराब की दुकान के पास शीशम के पेड़ में गमछे से लटकता मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। परिजनों के अनुसार, रविवार की रात जितेंद्र अपनी पत्नी गुड़िया से यह कह कर निकला था कि वह दूसरे घर पर सोने जा रहा है। वह दो पुत्रियों का पिता था।
वहीं, पवई थाना के चकिया सुलेमपुर में चल रहे हाईवे के काम में कार्यरत सौरभ सिंह रजावत 28 निवासी इसरी थाना नया गांव जिला भिंड मध्य प्रदेश ने रविवार की रात रस्सी के सहारे पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली। वह चकिया सुलेमपुर में स्थित कंपनी के कैप कार्यालय स्थित आवास में रहता था।