हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री हीरालाल गौतम के तीन असलहा लाइसेंसों को निरस्त कर दिया गया है। हीरालाल ने तीन असलहा लाइसेंस बनवाया था। जिसमें एक रिवाल्वर, एक राइफल व एक सिंगल बैरल गन शामिल था।
हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री हीरालाल गौतम के तीन असलहा लाइसेंसों को निरस्त कर दिया गया है। आजमगढ़ जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। हीरालाल गौतम वे बसपा के टिकट पर आजमगढ़ जिले के सरायमीर (वर्तमान में दीदारगंज) विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं।
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बसपा सरकार में उन्हें मद्य निषेध मंत्री बनाया गया था। पूर्वमंत्री हीरालाल ने तीन असलहा लाइसेंस बनवाया था। जिसमें एक रिवाल्वर, एक राइफल व एक सिंगल बैरल गन शामिल था। हीरालाल को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद सरायमीर थाना पुलिस ने इनके लाइसेंस निरस्त करने को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष आख्या प्रस्तुत किया था। जिसके आधार पर जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने 28 दिसंबर को ही पूर्व मंत्री के तीनों असलहों के लाइसेंस को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
चुनावी रंजिश में हुई थी हत्या
27 नवंबर 2010 को सरायमीर थाना क्षेत्र के इसरौली गांव के पास सपा नेता हेमराज पासवान के भाई फौजदार की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पूर्व मंत्री हीरालाल गौतम व उनके सहयोगी नामजद किए गए थे।
कोर्ट ने जनवरी 2020 को पूर्व मंत्री औरउनके दो साथियों को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पूर्व मंत्री हीरालाल पर हाईकोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया था। घटना चुनावी रंजिश को लेकर हुई थी।