रोपाई के बाद किसान पहली बार धान में यूरिया डाल रहे हैं। हाल यह है कि जिले में यूरिया का बफर खत्म हो चुका है। जिसके कारण कई साधन सहकारी समितियों पर यूरिया का टोटा हो गया है। यूरिया के लिए किसान समितियों का चक्कर काट रहे हैं।
जिले में इस बार 2.16 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष 80 प्रतिशत से अधिक धान की रोपाई किसान किए हैं। रोपाई के समय किसानों को जहां मानसून ने धोखा दिया। वहीं, नहरों ने भी साथ छोड़ दिया था। किसान किसी प्रकार से धान की रोपाई किए। अब जब किसानों को धान में डालने के लिए यूरिया की जरूरत है तो समितियों ने यूरिया नदारद है। किसान यूरिया के लिए भटक रहे हैं। समितियों से यूरिया न मिलने से वह बाजारों से ऊंचे दामों पर यूरिया खरीद कर फसल में डाल रहे हैं।
बीते जून और जुलाई में समितियों पर 1788 एमटी यूरिया भेजी गई थी वह कई जगहों पर खत्म हो चुकी है। नैनों यूरिया को किसान ज्यादा पसंद नहीं कर रहे। जिले में यूरिया के लिए जुलाई माह में जिलाधिकारी व दो बार सहकारिता विभाग ने शासन को पत्र भेजकर दाे रैक यूरिया की मांग किया था। लेकिन वह भी अभी तक जिले में नहीं पहुंची।ऐसे में विभाग अब प्री पोजिशनिंग में रखी 3673 एमटी यूरिया को गोदामों को रिलीज करने की बात चल रही है।
यूरिया की किल्लत से किसान चिंतित
मेंहनगर क्षेत्र में संचालित साधन सहकारी समिति करनेहुवां, रेंडा, सिंहपुर धन्नी, नई, मानपुर, विशुनपुर रघुनाथपुर, डीहा समस्तीपुर, क्रय-बिक्रय मेंहनगर पर यूरिया नदारद है। समितियों के प्रभारी केंद्र पर ताला लगाकर यूरिया मंगाने के लिए जिला का चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, किसान भी समितियों का चक्कर लगा रहे है। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी एडीओ को-ऑपरेटिव सहकारिता ओम प्रकाश पांडेय ने बताया कि डिमांड भेजी गई है। जल्दी ही समितियों पर खाद उपलब्ध होने वाली है। संवाद
समितियों पर यूरिया न होने से किसान परेशान
प्रशासन समितियों पर उर्वरक उपलब्धता का दावा भले ही करे, लेकिन फूलपुर, अंबारी, माहुल आदि क्षेत्रों में यूरिया नहीं मिल रही है। साधन सहकारी समिति बरौली के सचिव ने पांच सौ बोरी की डिमांड भेजा है। वहीं, पवई ब्लाक के साधन सहकारी समिति बस्ती चक गुलरा, सुम्हाडीह, अंबारी, सरैया भटपुरा, निजामपुर व खैरुद्दीनपुर में यूरिया है ही नहीं। किसान रविंद्र कुमार, बाबूराम, सूर्यकेश, जयप्रकाश, राममिलन व वीरेंद्र कुमार ने अविलंब समितियों पर उर्वरक की उपलब्धता की मांग की है। एडीओ को ऑपरेटिव राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि जिले की पीसीएम में अभी यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। डिमांड लगाई गई है। संवाद