लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में धीमा बढ़ोत्तरी के साथ स्थिर हो गया है।जल स्तर स्थिर होने के बाद भी कटान बदस्तूर निरंतर जारी है। उर्दिहा गांव में जहां कटान तेज हो गई है वहीं परसिया और सहबदिया में कटान होने से किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं। उर्दिहा गांव में कटान होने से शवदाह गृह की तीनों बिल्डिंगें नदी में समा गई हैं। गांव के ही रामबदन, राम लखन, गुलाइची, फूलमती, कलंदर, ओमप्रकाश, निर्मला, नर्सिंग, उमेश, सुरेश, मनोज आदि दर्जनों किसानों की जमीन घाघरा में विलीन होती जा रही है। घाघरा नदी 24 घंटे में बदरहुंआ पर 1 सेमी घटी तो डिघिया पर 1 सेमी बढ़ाव दर्ज किया गया। बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदू 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। रविवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.42 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार को 01 सेमी घटकर 70.41 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर रविवार को जलस्तर 69.82 मीटर था जो सोमवार को 01 सेमी बढ़कर 69.83 मीटर पर रहा। घाघरा नदी द्वारा तेजी से की जा रही कटान से किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं, जिससे किसान सहमे हुए हैं। उर्दिहा गांव में कटान से जहां किसान परेशान हैं वहीं सहबदिया और परसिया गांव के किसानों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। किसानों का कहना है कि हमारी कटी हुई जमीन का मुआवजा देने के लिए अभी तक राजस्व कर्मी भी गांव में नहीं पहुंचे हैं।