आजमगढ़। तमसा इन दिनों उफान पर है। पानी के धक्के से राजघाट से गोदामघाट के बीच के रेगुलेटर की दीवार ढह गई। इससे बाईपास बांध के साथ ही शहर में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। तमसा नदी जिले को तीन तरफ से घेरे हुए है। वर्ष 1957 में पूरा शहर तमसा की बाड़ में डूब गया था। बाढ़ से शहर को बचाने के लिए बांध बनवाया गया और बवाली मोड़ से करतालपुर तक बाईपास बांध का निर्माण कराया गया। दोनों बांधों के बीच के हिस्से में जलभराव हो गया है। वहीं बाईपास बंधा के दूसरी तरफ तमसा भी उफान पर है। शुक्रवार को तमसा का जलस्तर 73.140 मीटर था जो शनिवार की शाम पांच बजे 160 सेमी बढ़ कर 73.300 मीटर पर पहुंच गया है। नदी का खतरा बिंदु 74.84 मीटर है। बाढ़ का दबाव लगातार बाईपास बंधे पर बढ़ता जा रहा हैष नदी के दूसरी तरफ स्थित बाग लखराव, छोटी हरैया, एकरामपुर आदि में पानी फैल चुका है। शनिवार की शाम राजघाट से बागलखराव पुल के बीच स्थित रेगुलेटर की एक तरफ की दीवार ही ढह गई और दूसरे तरफ की दीवार में दरार आ गई है। रेगुलेटर से रिसाव तो नहीं हो रहा है लेकिन यदि पानी का दबाव बढ़ा तो यहां बांध कटने का कतरा है। रेगुलेटर के जरिए भी पानी शहरी इलाकों में घुस सकता है। रेगुलेटर की दीवार ढहने की जानकारी होते ही जिलाधिकारी राजेश कुमार, एसडीएम वागीश कुमार शुक्ला व बाढ़ खंड अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। डीएम ने तत्काल रेगुलेटर की दीवार ठीक कराने और रिसाव रोकने का बंदोबस्त करने को कहा है।