शासन के निर्देश पर लखनऊ से आयी टीम ने सोमवार को लगभग चार घंटे तक जिला कारागार का निरीक्षण किया। टीम के निरीक्षण में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक-ठाक रही। टीम ने जेल प्रशासन को सारी व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त रखने का निर्देश दिया।
प्रदेश सरकार ने बीते तीन अप्रैल को ही प्रदेश के सभी जेलों के औचक निरीख्ज्ञण का फरमान जारी करते हुए सात आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। इन्ही अधिकारियों में शामिल लखनऊ के विशेष अनुसंधान दल में तैनात पुलिस अधीक्षक कारागार और सुधार सेवा का अतिरिक्त प्रभार देख रहे आईपीएस अधिकारी सुभाष चंद्र शाक्य ने सोमवार को आजमगढ़ जिला कारागार का निरीक्षण किया। उनके साथ उनकी पूरी टीम जिला कारगार पहुंची थी। सुबह 11 बजे से जेल के निरीक्षण का कार्य शुरू हुआ जो दोपहर तीन बजे तक चला। इस दौरान टीम ने जेल के हर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आईपीएस के निरीक्षण में जेल के अंदर कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं बरामद हुई तो वहीं अन्य व्यवस्थाएं भी चुस्त-दुरूस्त मिली। टीम ने निरीक्षण के दौरान बंदियों से जरूरी फीडबैक भी लिया। पुरूष व महिला बैरकों की सघन तलाशी भी ली गई। इतना ही नहीं टीम ने कैंटिन में बनने वाले भोजन का भी हाल देखा। निरीक्षण के दौरान जेलर विकास कटियार, आरएन गौतम समेत अन्य जिम्मेदार मौजूद रहे।