मेजवां गांव में मजलिस को संबोधित करते मौलाना। संवाद
मेजवां। शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव स्थित इमाम बारगाह में बृहस्पतिवार को मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें मौलाना वसी मोहम्मद खां, इमामे जुमा चमावा ने मजलिस को खिताब करते हुए इंसानियत, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। मौलाना ने कहा कि अलग-अलग धर्म और देशों के बावजूद इंसानियत सबसे ऊपर है। हर धर्म शांति, प्रेम और मानवता का पैगाम देता है। मौलाना ने कर्बला की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यजीद इस्लाम को समाप्त करना चाहता था, लेकिन इमाम हुसैन और उनके साथियों ने छह महीने के मासूम बच्चे से लेकर 86 साल के बुजुर्ग तक अपनी कुर्बानी देकर इस्लाम की हिफाजत की। उन्होंने जब इमाम हुसैन और हजरत अली अकबर के मसायब बयान किए तो इमाम बारगाह में मौजूद अकीदतमंद भावुक हो उठे और माहौल गमगीन हो गया। मजलिस से पूर्व शायरों ने मौला की बारगाह में नजराने अकीदत पेश किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. समर ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया, जबकि निजामत का संचालन हुसैन ने किया। संवाद