आजमगढ़। नवंबर माह शुरू होने के साथ ही यातायात माह का शोर भी शुरू हो गया है। पुलिस और परिवहन विभाग लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में जुटे हैं। मगर सारा काम औपचारिक ही है क्योंकि न तो शहर की यातायात व्यवस्था में रत्तीभर का सुधार हुआ है और न ही हादसों में कमी आई है। पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा हर साल नवंबर माह में मनाया जाने वाला यातायात माह भी महज औपचारिकता भर रह गया है। नवंबर माह का बीत चुका नौ दिन जाम, दिक्कत और परेशानियों में गुजरा है। जिला मुख्यालय पर ही ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। हर रोज जाम, जाम और जाम। एक तरफ जहां जाम लोगों के लिए दिक्कतों का सबब रहता है, वहीं ताबड़तोड़ सड़क दुर्घटनाएं लोगों के लिए मौत परोस रही हैं। ट्रैफिक के प्रति आम लोगों का जागरूक न होने का रवैया भी हादसों के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा शहर में विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की उचित व्यवस्था का न होना और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की किल्लत भी मुख्य वजह है।