करबला में जंग के बाद लुटे हुए काफिले की याद में अजुंमन अब्बासिया की ओर से फूलपुर तहसील क्षेत्र के सहमसा गांव में रविवार को कारवाने हक जुलूसे अमारी निकाली गई। इस दौरान मातमी दस्तो के लगाए गए या अली मौला की सदा से पूरा गांव गूंज उठा। जुलूस का आगाज शायरे अहलेबैत जफर आजमी ने पेश ख्वानी से किया। जुलूस के दौरान गांव में स्थित अजाखानों के सामने अंजुमन कमरूनलईन मऊ, अंजुमन इमामिया कोपागंज, अंजुमन रौनके इस्लाम जलालपुर, अंजुमन हुसैनिया जफराबाद जलालपुर, अंजुमन रिजविया सुल्तानपुर ने नौहा ख्वानी किया। कई स्थानो पर तकरीरे आयोजित की गई जिसे मौलाना सैयद मुहम्मद अब्बास आजमी, मौलाना वसी अहमद मीसम, मौलाना मुशीर अब्बास खान, मौलाना इरशाद अब्बास साहब इलाहाबाद ने खिताब किया। जुलूस जब सैयद मुंतजिर हुसैन के आवास के सामने पहुंचा तो वहां अजादारों की भीड़ उमड़ पड़ी। अजादारों ने अली असगर का झूला और अली अकबर के ताबूत पर फूलमाला चढ़ाकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया। संचालन सहेर अर्शी और शबीहुल हसन ने सयुंक्त रूप से किया। जुलूस का समापन देर शाम रौजा बाबुल हवायस पर किया गया। संयोजक मुंतजिर उर्फ दुले ने आभार प्रकट किया।