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Azamgarh News: पुलिस की साइबर सेल ने दो साल से दरिंदगी करने वाले की खोली पोल, डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस

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आजमगढ़। आधुनिक तकनीक और डिजिटल जांच के दम पर पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे आरोपी की पोल खोली है, जो पिछले दो साल से गंभीर अपराध को अंजाम देने के बाद कानून की पकड़ से बच जा रहा था। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डाटा और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का खुलासा करते हुए उसे कानून के शिकंजे में ले लिया। शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि डेढ़ से दो वर्ष पूर्व गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बैराडीह उर्फ गंभीरपुर निवासी मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम दो सगी बहनों को बहला-फुसलाकर अपने बाग में बने ट्यूबवेल के कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद वीडियो को वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर किसी को जानकारी न देने के लिए डराया-धमकाया। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर किसी व्यक्ति को शेयर कर दिया। शेयर हुए चाइल्ड पोर्न पर साइबर सेल की नजर पड़ी। इसके बाद साइबर सेल टीम ने मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डाटा, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में मिले तथ्यों ने आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों की पुष्टि कर दी। एसपी डाॅ. अनिल कुमार ने बताया कि तकनीकी जांच के जरिए ऐसे कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ। इसके बाद पुलिस ने किशोरियों की मां की तहरीर पर आरोपी मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई। साइबर सेल की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों ने जांच को नई दिशा दी और मामले के कई छिपे पहलुओं को उजागर किया। आजमगढ़। जिले में यह संभवतः पहला मामला है, जिसमें सोशल मीडिया पर साझा किए गए आपत्तिजनक वीडियो और साइबर निगरानी के आधार पर दो वर्ष पुराने कथित दुष्कर्म कांड का खुलासा हुआ है। आमतौर पर ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद जांच शुरू होती है, लेकिन इस प्रकरण में साइबर सेल को ऑनलाइन प्रसारित सामग्री के माध्यम से सुराग मिला। इसके बाद डिजिटल फॉरेंसिक जांच, मोबाइल डाटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों के विश्लेषण से आरोपी की पहचान की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पीड़ित परिवार तक पहुंचकर तहरीर प्राप्त की और प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
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