राजघाट पर चल रहा शवदाहगृह का निर्माण। संवाद
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आजमगढ़। निकाय चुनाव की आहट ने निकायों में विकास की रफ्तार बढ़ा दी है। नगर पालिका से लगायत नगर पंचायतों में नई परियोजनाओं की बौछार हुई तो अधूरी पड़ी परियोजनाओं के निर्माण में तेजी आई। वहीं प्रशासनिक मशीनरी भी एक्शन मोड में आ गई। विकास की परियोजनाएं पूरा करने का अल्टीमेटम उच्च स्तर से मिल चुका है। जिले की तीन नगर पालिका व 13 नगर पंचायतों में पेयजल योजना, नई सड़कों का निर्माण व सड़कों का चौड़ीकरण समेत अन्य परियोजनाओं के कई काम कराए जा रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले अधिकांश काम पिछले वर्ष ही शुरू कराए गए। निकाय चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही इनमें तेजी आ गई। नगर पालिका आजमगढ़ की बात करें तो इस वर्ष जितने कार्य कराए गए उतने कार्य पूर्व में नहीं कराए गए थे। गलियों की सड़कों की मरम्मत में तेजी आ गई है। वहीं सीवर लाइन बिछाने के दौरान वर्षों से टूटी सड़क को भी ठीक कराया गया। राजघाट पर भी एक प्रतीक्षालय बनाया जा रहा है। लगभग वह बनकर तैयार भी हो गया है। पेयजल परियोजना में भी तेजी आ गई। सड़कों को भी गड्ढ़ामुक्त कर दिया गया है। चार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद में कुल 2818 स्वीकृत परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत उन्नीस अरब पंद्रह करोड़ पचासी लाख है। पूर्ण परियोजनाओं की संख्या दो हजार एक सौ अट्ठावन है। निर्माणाधीन परियोजनाओं की संख्या 760 से अधिक है। वहीं हाल ही में 2106 परियोजनाएं हैं जिनका शिलान्यास किया गया है। अभी अन्य विभागों द्वारा 17 परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। लोक निर्माण विभाग की चार, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की आठ व नगर विकास विभाग की पांच परियोजनाएं है। एडीएसटीओ राजेश कुमार ने बताया कि जिन परियोजनाओं का बजट मिल गया है उसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। इसकी जिलाधिकारी द्वारा मानीटरिंग भी की जा रही है।