नगर पालिका की ओर से शहर में वेंडिंग जोन तो निर्धारित कर दिए गए लेकिन इसे अमल में नहीं लाया जा सका है। शहर की अधिक भीड़ वाली सड़कों की पटरियों पर अस्थायी दुकानें आबाद हैं। दुकानदार हटाए जाने के बाद भी यहां काबिज हो जा रहे हैं।
शहर में पथ विक्रेताओं और ठेले-खोमचे की वजह से लगने वाले जाम के कारण उनको चिह्नित कर उनके पहचान पत्र बनाए गए हैं। इसके साथ ही वेंडिंग जोन में उन्हें स्थान उपलब्ध कराया गया। इसके बदले उनसे शुल्क भी तय किया गया है। शहर में 10 वेंडिंग जोन चयनित किए गए हैं लेकिन इन्हें अभी अमल में नहीं लाया जा सका है। ऐसे में व्यस्ततम सड़कों के किनारे अनाधिकृत दुकानें आज भी पूर्व की भांति लग रही हैं।
नरौली पुल से लेकर कोतवाली तक इसका नजारा आसानी से देखा जा सकता है। जहां ठेले से लेकर अन्य सामानों की दुकानें सड़कों पर सजी मिल जाएंगी। यह शहर की सबसे व्यस्त सड़क है। मजे की बात ये है कि एक दो बार प्रशासन की ओर से नान वेंडिंग जोन से इनको हटाया गया लेकिन अगले ही दिन वह फिर से उसी स्थान पर काबिज हो गए। अधिकारियों ने भी इधर से नजरे फेर ली हैं।
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यहां पर निर्धारित किए गए हैं वेंडिंग जोन
आजमगढ़। पुरानी जेल के सामने बंध पर, पुरानी जेल के उत्तर पानी की टंकी के पास, शिब्ली कालेज चौराहे से श्रीकृष्ण पाठशाला, शनिदेव मंदिर से रोड पटरी पर पूरब, सिधारी तिराहा से मऊ रोड पर, हाइडिल चौराहा से सिधारी रोड, नरौली चौराहा से नदी के तरफ, रेलवे बाउंड्री से सटे सर्फुद्दीनपुर, बवाली मोड़ से रोडवेज तक बाई तरफ और रोडवेज स्टैंड से मंदिर तक का क्षेत्र वेंडिंग जोन निर्धारित है। लेकिन इस पर अभी नगर पालिका की ओर से कार्य शुरू नहीं किया जा सका है।
सदर एसडीएम ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। कब्जा हटवाना नगरपालिका का काम है। प्रशासन अभियान चला कर इसे हटवाएगा।
कोट
जल्द ही अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी। पटरी दुकानदारों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जाएगा। यह भी तय किया जाएगा कि वह दुकानें निर्धारित स्थल पर ही लगाएं। -सरफराज आलम, नगरपालिका अध्यक्ष आजमगढ़