गर्मी के तेवर तल्ख हो गए हैं, लू के थपेड़े चल रहे हैं। सूरज की तपिश से अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। अभी तीन से चार दिनों में इससे राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। गर्मी से आम जनमानस के साथ ही पशु पक्षी भी बेहाल है। ऊपर से बिजली की बार-बार हो रही कटौती ने लोगों को और परेशान कर रखा है। मंगलवार की सुबह से ही तेज धूप रही। दिन चढ़ने के साथ ही तेज हवाओं व तपिश ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए। दोपहर में सड़कें जहां सूनी दिखीं तो वहीं धूप से बचाव के लिए लोग गमछा व टोपी में नजर आए। लोग शीतल पेय व आइसक्रीम के जरिए कुछ पल का सुकून हासिल करने से नहीं चूके। जिससे कुछ पल के लिए राहत तो मिली लेकिन बार-बार हलक सूखता रहा। घरों में कूलर और एसी भीषण गर्मी में सुकून देने में नाकामयाब हो रहे हैं। एसी की हवा भी ठंडक का एहसास नहीं करा पा रही है। पर्यावरण विद डा. अखिलेश चंद ने बताया कि पर्यावरण के लगातार हो रहे नुकसान के कारण ऐसा हो रहा है। जिसके कारण तापमान दिन प्रतिदिन नए कीर्तिमान बना रहा है। वरिष्ठ फिजिशियन डा. एके मिश्रा ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। दिन के सबसे गर्म समय दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे के बीच अगर जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकलें। समय पर खाना खाएं और डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करें। धूप में अगर बाहर निकल भी रहें है तो टोपी पहनकर या छतरी लेकर ही बाहर निकलें। चक्कर आने, सिरदर्द, उल्टी जैसी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।