निजामाबाद तहसील के मस्जिदिया गांव निवासी अबु बकर पुत्र युसूफ ने बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त से शिकायत की। इसमें उन्होंने सड़क खाते की भूमि जिसका गजट होने के बाद भी एक व्यक्ति के नाम करने का आरोप लगाया। इस शिकायत पर मंडलायुक्त ने शिकायत कर उक्त प्रकरण जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अबु बकर ने मंडलायुक्त को बताया कि नसीरपुर खालसा गांव में स्थित एक जमीन पर हम बाप दादा के जमाने से काबिज चले आ रहे हैं। जो चकबंदी के आकार पत्र में हमारे चक से सटा हुआ है। जो हमारी पैतृक संपत्ति है। ग्राम नसीरपुर में ही एक गाटे की भूमि सड़क के खाते में दर्ज है। आकार पत्र में इसका पुराना नंबर प्रदर्शित है। सरकार द्वारा इसमें से एक पुराने गाटे की भूमि 1973 में उप्र गजट सात मार्च को इसका अधिग्रहण भी किया गया। जिसके बाद उक्त भूमि सड़क के खाते में दर्ज की गई है। उक्त सड़क मंदुरी से वाया निजामाबाद होकर मोहम्मदपुर-वाराणसी जा रही है और वर्तमान में उक्त सड़क फोर लेन में प्रस्तावित और स्वीकृत हो चुकी है। इतना ही नहीं निजामाबाद के हस्तशिल्प कलाकारों के मिट्टी निकालने के लिए दो गाटों को दर्ज किया गया था। जिसका मुकदमा उप संचालक चकबंदी के न्यायालय में चला। जिसमें 26 नवंबर 1996 के जरिए फर्जी तरीके से इन गाटों पर दर्ज नामों को खारिज करते हुए दोबारा सड़क व कुम्हारों के मिट्टी निकालने के खाते में दर्ज करने का आदेश पारित किया गया। उक्त फर्जी कार्रवाई में लिप्त कर्मचारियों व दोषी व्यक्तियों के विरुद्घ कार्रवाई करने का भी आदेश पारित किया गया था। लेकिन पुन: उक्त भूमि को उन व्यक्तियों के नाम दर्ज करा दी गई। जबकि उक्त व्यक्ति द्वारा हमारी भूमि के साथ ही सड़क व कुम्हारों के मिट्टी निकालने की भूमि पर भी अपना नाम दर्ज करा लिया गया। उन्होंने मंडलायुक्त से उक्त लोगों का नाम खारिज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।