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पंचमुखी हनुमान की मूर्ति विधि-विधान से हुई स्थापित

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क्षेत्र के कलवरिया में रविवार को त्रिवेणी संगम के हनुमान मंदिर में पांच दिवसीय अनुष्ठान के बाद विधि-विधान से पंचमुखी हनुमान जी मूर्ति की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान लोगों ने हवन कुंड में आहुति देकर कोरोना महामारी के समूल नाश की कामना की। इस दौरान महंत हरिप्रसाद दास ने हनुमान जी के गुणों का विस्तार से वर्णन किया। बताते चलें उक्त त्रिवेणी संगम के मंदिर की आधारशिला दुर्वासा महामंङलेश्वर श्रीश्री 1008 ब्रह्मलीन संत मौनी बाबा के द्वारा किया गया था। मौनी बाबा ने मंदिर की आधारशिला रखते समय तीन नहरों के किनारे होने के नाते इसे त्रिवेणी संगम हनुमान मंदिर का नाम दिया था। कार्यक्रम आश्रम के महंत श्रीश्री 108 हरिप्रसाद दास के नेतृत्व में संपन्न हुआ। बाद में लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया। आचार्य हरिकेश चौबे, पं. राकेश चौबे, पं. प्रमोद पांङेय ने अनुष्ठान पूर्ण कराया। ग्रामीणों ने कोरोना महामारी के नाश के हवन कुंड में आहुति दी। महंथ हरिप्रसाद दास ने हनुमान जी के स्वरूपों का वर्णन किया। कहा कि इनमें मात्र नाम स्मरण से सभी दुख, बाधाएं दूर हो जाती हैं। हनुमान जी भगवान श्रीराम के प्रिय भक्त थे। इस दौरान लगे बजरंग बली के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। इस मौके पर हाकिम बाबा, तिवारी दास, विपुल दास, राजेंद्र राय, सुरेंद्र चौबे, सुशील चौबे, बृजेंद्र, वृंदावन तिवारी, सतीश सिंह आदि मौजूद रहे।
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