आजमगढ़। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को हाइडिल कॉलोनी में सभा किया। इसमें निजीकरण को लेकर प्रबंधन और संघर्ष समिति के बीच हुए वार्ता पर अपने विचार रखे। समिति के प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी ने कहा कि निजीकरण का प्रयोग आगरा, ग्रेटर नोएडा और ओडिशा में पूरी तरफ विफल हो चुका है। इस विफल प्रयोग को प्रदेश की गरीब जनता पर न थोपा जाए। पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल और शीर्ष प्रबंधन के साथ संघर्ष समिति की करीब एक घंटे तक वार्ता चली। कहा कि छह अक्तूबर 2020 को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना व तत्कालीन ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ हुए समझौते का पालन करते हुए बिजली कर्मियों को विश्वास में लेकर विद्युत वितरण निगमों की मौजूदा व्यवस्था में सुधार के लिए कार्यक्रम चलाए जाए। कहा कि निजीकरण गरीब जनता की कमर तोड़ देगा। भारी भरकम बिजली बिलों के बोझ तले लोग दब जाएंगे। इस मौके पर आशीष सिंह, काशीनाथ गुप्ता, रवि शंकर गुप्ता, रोशन यादव, उपेंद्र नाथ, विक्रम वीर सिंह, नीरज त्रिपाठी आदि मौजूद थे।