सहबदिया गांव में कटान करती सरयू की लहरें। संवाद
लाटघाट।
सगड़ी के उत्तरी क्षेत्र के सरयू के तटवर्ती गांवों में फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। खतरा बिंदु के करीब पहुंचकर नदी का जलस्तर घटने लगा है। नदी का जलस्तर घटते ही कटान का दायरा अब पूरब की ओर बढ़ता जा रहा है। सहबदिया गांव के बाद अब टेकनपुर ग्राम पंचायत के बरामदपुर गांव के किसानों की कृषि भूमि भी नदी के कटान की चपेट में आ गई है। पिछले कई दिनों से जारी कटान के कारण ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, सरयू नदी के तेज बहाव से बरामदपुर गांव के संतलाल, जयद्रथ, राजेंद्र, दिनेश सिंह पटेल, रामलक्ष्मण सहित कई किसानों की लगभग 50 एकड़ से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि पहले ही नदी में समा चुकी है। लगातार हो रही कटान से किसानों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। खेत नदी में समाने से खरीफ फसल की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं। किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान दिनेश सिंह पटेल ने बताया कि इस साल कटान का केंद्र उनके गांव के सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि अब तक कटान रोकने के लिए कोई स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किया गया है। यदि शीघ्र बचाव कार्य नहीं शुरू हुआ तो आने वाले दिनों में और अधिक कृषि भूमि नदी में समा सकती है।