राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर बम ब्लास्ट में शामिल रहे जिले के चार युवाओं को बरी कर दिया है। हालांकि अभी ये चारों युवक जेल की सलाखों के पीछे ही रहेंगे क्यो कि कई अन्य आतंकी घटनाओं में भी इनके नाम शामिल हैं। उधर, हाईकोर्ट के इस फैसले ने जिले के माथे पर लगे कलंक को कुछ कम किया है। जयपुर में 13 मई 2008 को सीरियल बम ब्लास्ट हुआ था। जिसमें जिले के संजरपुर निवासी मो. सैफ, सलमान, शहर के बदरका मुहल्ला निवासी शैफुर्रहमान व बिलरियागंज क्षेत्र निवासी सरवर आजमी समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसमें दो आरोपी बाटला कांड में मारे जा चुके हैं तो वहीं तीन अभी भी फरार चल रहे हैं। जयपुर की निचली अदालत ने 20 दिसंबर 2019 को सैफ, सलमान, शैफुर्रहमान व सरवर पर हत्या, राष्ट्रद्रोह व विस्फोटक अधिनियम के तहत फांसी की सजा सुनाई थी। सजा के बाद चारों ने हाईकोर्ट में अपील की। जिसमें हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए जस्टिस पंकज भंडारी व समीर जैन की बेंच ने चारों आरोपियों को साक्ष्य के भाव में बरी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से इनके परिजनों में खुशी छा गई है। परिजनों का कहना है कि राजस्थान हाईकोर्ट के एक फैसले ने जिले के माथे पर लगे कलंक को कुछ कम किया है। उम्मीद है कि अन्य मामलों में भी उनके बच्चे बाइज्जत बरी होंगे।