लाटघाट। एक बार फिर घाघरा का जलस्तर बढ़ने से देवारा क्षेत्र के लोगों की दिलों की धड़कने बढ़ने लगी है। बढ़ाव के साथ ही कटान जारी है। सैंकड़ों किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी में समां चुकी है। घाघरा नदी 24 घंटे में बदरहुंआ पर 20 सेमी. बढ़ाव तो डिघिया पर 18 सेमी. बढ़ोत्तरी दर्ज किया गया। सगड़ी के देवारा क्षेत्र में बहने वाली घाघरा नदी हर वर्ष बाढ़ से तबाही मचाती है। शुक्रवार व शनिवार को इसमें पानी छोड़े जाने से नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ाव दर्ज किया जाने लगा। नदी के बढ़ने से चार गांवों का संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है।
बदरहुवां गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। शनिवार को बदरहुवां गेज पर नदी का जलस्तर 71.00 मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार को 20 सेमी बढ़कर 71.20 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर शनिवार को जलस्तर 70.39 मीटर था जो रविवार को 18 सेमी बढ़कर 70.57 मीटर हो गया। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके में रह रहे लोगों की धड़कने तेज होती जा रही है। बांका बुढ़न पट्टी, सोनौरा, साहडीह, मानिकपुर के संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है। घाघरा नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले 2 दिन के बाद निचले इलाके के कुछ गांव पानी से घिर जाएंगे।