अतरौलिया। छह सितंबर को सड़क हादसे में घायल अधेड़ की मंगवार को मौत के आक्रोशित परिजन बुधवार को भी अपनी मांगों ( परिजनों को मुआवजा और आरोपी के घर को गिरवाने) को लेकर अड़े रहे। शव के अंतिम संस्कार को लेकर लोगों और पुलिस में नोंकझोक भी हुई। इससे आक्रोशित लोगों ने करीब दो घंटे तक आजमगढ़-अयोध्या मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद लोग शांत हुए। शव का अंतिम संस्कार किया गया। चक्काजाम के चलते करीब दो घंटे तक मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। वहीं शांति व्यवस्था के लिए कई थाने की फोर्स मौके पर तैनात रही।
गौरतलब हो कि अतरौलिया थाना क्षेत्र के खानपुर फतेह निवासी तेरस सोनकर (55) पर छह सितंबर की रात पड़ोसी दाऊद ने जानबूझकर कार चढ़ा दी थी। वह क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती था, जहां उपचार के दौरान मंगलवार की शाम उसकी मौत गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। मंगलवार को रात में ही धरने पर बैठ गए। बुधवार सुबह लोगों ने पुलिस पर मामले में सही कार्यवाही न करने का आरोप लगाया। इसके आरोपी दाऊद के घर पर पथराव कर दिया। आजमगढ़-अयोध्या मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसी बीच किसी ने अफवाह फैला दी कि पुलिस तेरस का शव नहीं दे रही है। जिससे लोग आक्रोशित होकर तेरस के शव की मांग करने लगे। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। इसका लोगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। आक्रोशित अतरौलिया बाजार में प्रशासन के खिलाफ नारेबाज शुरू कर दी। इस बीच पुलिस और लोगों में बीच घंटों नोकझोंक हुई। सूचना मिलते ही एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, क्षेत्राधिकारी किरण पाल सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को शांत कराया। भाजपा नेता जयनाथ सिंह व नीलम सोनकर के आश्वासन पर लोग शांत हुए।