मेजवां। फूलपुर तहसील क्षेत्र के चमावां में अंजुमन फरोग-ए-अजा की ओर से मंगलवार को लूटे काफिले की याद में कारवान-ए-गम जुलूस बुद्धू खान के मस्जिद से निकाला गया। इस दौरान तीन अमारियां बरामद की गई। जुलूस निकलते समय सभी की आंखें छलक उठीं। जुलूस का आगाज सैय्यद जफर एडवोकेट ने मौला की बारगाह में नजराने अकीदत पेश कर किया। जुलूस गांव के सभी अजाखाने के सामने पहुंचा, जहां अंजुमनों ने नौहा ख्वानी की। इसमें अंजुमन अब्बासिया खरौली, जीनातुल अजा बाराबंकी, सज्जादिया कोपागंज मऊ, नूरे इस्लाम और स्थानीय अंजुमन फरोगे अजा चमावां ने नौहा ख्वानी और सीना जानी की। अंजुमनों द्वारा किए गए ‘या अली मौला’ की मातम की सदा से पूरा गांव गूंज उठा। जुलूस मरहूम बन्ने हुसैन इमाम बारगाह और पूर्व प्रधान मरहूम रजीउल हसन के आवास के सामने पहुंचा, तो अजादारों की भीड़ उमड़ पड़ी। मस्जिद के पास से जुलूस हजरत अब्बास के रौजा होता हुआ रसूले खुदा के रौजा पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। जुलूस में अमारिया, इमाम जैनुल आब्दीन के ताबूत और दुलदुल घोड़ा पर काफी संख्या में महिला और पुरुषों ने फूल-माला चढ़ा कर मन्नतें मांगीं। जुलूस के दौरान मौलाना कैसर अब्बास, शारिब अब्बास, मेराज हैदर खां, सैय्यद अबुल हसन नकवी, मोहम्मद शफीक आब्दी ने जगह-जगह तकरीर पेश किया। निजामत सहर अर्शी जौनपुरी और सागर आजमी ने संयुक्त रूप से किया। जुलूस में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। संचालन बबलू ने किया।