आजमगढ़। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं से लेकर उनकी पढ़ाई की स्थिति देखने के लिए टास्क फोर्स अब नियमित जाएगी। यह टास्क फोर्स जिले और ब्लॉक स्तर की होगी। टास्क फोर्स के प्रत्येक सदस्य को हर महीने पांच विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने जिलाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। निदेशक द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि जिला स्तरीय टास्क फोर्स के 12 सदस्यों एवं विकास खंड स्तरीय टास्क फोर्स के आठ सदस्यों में से प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह पांच-पांच विद्यालयों के निरीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माह जुलाई में जनपद स्तरीय तथा विकास खंड स्तरीय टॉस्क-फोर्स सदस्यों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला समन्वयक मिड डे मील, एमआईएस-ईंचार्ज, एआरपी, एसआरपी व डायट मेंटर द्वारा निरीक्षित विद्यालयों का विवरण प्रतिशत कम पाया गया है। इससे साफ है कि जनपद एवं विकास खंड स्तरीय टास्क-फोर्स के सदस्यों द्वारा निर्धारित संख्या में विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण नहीं किए जा रहे हैं। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रधानाध्यापकों के साथ मासिक बैठक के साथ ही शिक्षक संकुल की बैठकें होनी हैं। जुलाई की समीक्षा में इन बैठकों की स्थिति भी ठीक नहीं रहीं। महानिदेशक ने जिलाधिकारी से इन बैठकों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए भी कहा है।