आजमगढ़। शीतलहर के प्रकोप से पूरा जिला ठिठुर रहा है। सोमवार को कोहरे से थोड़ी राहत लेकिन गलन से लोग दिन-रात कांपते रहे। दोपहर में हल्की धूप तो निकली लेकिन बेअसर साबित हुई। गर्म कपड़े पहनने के बाद भी लोग ठंड से परेशान रहे। जिले का न्यूनतम छह ताे अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार की सुबह कोहरा तो नहीं था लेकिन काफी गलन थी। आसमान में छाए बादलों से भगवान भाष्कर का दर्शन दोपहर में हुआ। सूर्य की किरणें जमीन पर पहुंची तो लोगों को लगा अब राहत मिलेगा लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। गलनभरी हवाओं में सूर्यदेव की किरणों से भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी। कुछ ही घंटों बाद बादलों ने सूर्य को फिर अपने आगोश में ले लिया। शाम ढलने के साथ चली ठंडी हवा ने शरीर को कंपा दिया। सड़कों पर धीरे-धीरे आवाजाही कम होने लगी। वहीं स्कूलों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। शहर से लेकर गांव तक ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव और रूम हीटर का सहारा लेना ही बेहतर समझा। सोमवार का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात होते-होते कोहरे ने फिर से दस्तक देनी शुरू कर दी और अपने आगोश में ले लिया।
अत्यधिक ठंड व शीतलहर को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई है। बीएसए समीर ने बताया कि नर्सरी से कक्षा आठ तक समस्त परिषदीय विद्यालय व सभी बोर्ड के कक्षा आठवीं तक स्कूल मंगलवार को भी बंद किए गए हैं। वहीं कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं सुबह सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक चलेंगी। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेश एवं अन्य कर्मी विद्यालय में उपस्थित रहकर अन्य प्रशासकीय कार्यों व दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
ठंड व घने कोहरे के कारण ट्रेनों के लेटलतीफी का सिलसिला जारी है। कोहरा के कारण सोमवार को कैफियात डाउन (12226) सात घंटा विलंब से आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इसके चलते आजमगढ़ से बनकर चलने वाली कैफियात अप (12225) दिल्ली के लिए पांच घंटे विलंब से रवाना हुई। ठंड के बीच प्लेटफार्म पर यात्री ट्रेन के आने का इंतजार करने को मजबूर हैं।