मेंहनगर। शेर्रा गांव में चुनावी रंजिश को लेकर नवनिर्वाचित प्रधान के समर्थकों पर पराजित हुए प्रत्याशी ने समर्थकों के साथ बुधवार की सुबह हमला बोल दिया। जिस पर प्रधान पक्ष भी लाठी-डंडा लेकर सामने आ गया। इस दौरान दोनों तरफ से जम कर लाठी-डंडा व ईंट-पत्थर चले। मारपीट की इस घटना में दर्जन भर लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा और घटना के कारणों की जांच पड़ताल में जुट गई। शेर्रा गांव की निवर्तमान प्रधान शीला चौहान थी। इस बार के चुनाव में शीला के पति राजेश चौहान चुनाव लड़े थे। उन्होंने दूसरे प्रत्याशी सुभाष चौहान को 61 मतों से पराजित किया था। मतगणना के दौरान ही नवनिर्वाचित प्रधान के समर्थक रामसमुझ का पराजित प्रत्याशी सुभाष से कुछ कहासुनी हुई थी। बुधवार की सुबह रामसमुझ गांव के ही वंशराज को खरिहानी बाजार छोड़ने जा रहे थे। वंशराज रोजीरोटी के लिए कोलकाता रहता है और वहीं जाने के लिए वह घर से निकाला था। इसी दौरान सुभाष चौहान अपने समर्थकों के साथ दोनों पर हमला बोल दिया। शोर सुन कर रामसमुझ का पुत्र अश्विनी, हरिओम, पुत्री इंद्रकाल बचाने पहुंचे तो हमलावारों ने उन्हें भी पीट दिया। गांव के मिठाई, राजकुंवर, दिवाकर, शुभम, सर्वजीत व निहोरी बीच बचाव के लिए पहुंचे तो उन्हें भी मारपीट कर घायल कर दिया गया। गांव निवासी राजनरायन के घर पर धावा बोल कर खाना बना रही उसकी पुत्री को भी मारपीटा गया। यह देख कर प्रधान पक्ष भी लाठी डंडा लेकर मैदार में उतर आया। जिस पर सुभाष चौहान पक्ष के सुरेंद्र, बबलू, विनोधी, गुड्डू व विजय घायल हो गए। नवनिर्वाचित प्रधान ने पुलिस को सूचना दी तो एसओ मेंहनगर के साथ ही सीओ लालगंज मौके पर पहुंच गए। सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया। पुलिस नवनिर्वाचित प्रधान राजेश व विपक्षी सुबाष चौहान, सुरेंद्र समेत कई लोगों को पूछताछ के लिए थाने लेकर चले गए। सीओ मनोज रघुवंशी ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।