आजमगढ़ जिले के बर्जला गांगेपुर गांव निवासी संतविजय राय (40) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने उसका शव पेड़ से लटकता देखा तो गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी और कर्ज में डूबने के कारण संतविजय ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के बर्जला गांगेपुर गांव निवासी संतविजय राय पुत्र परमानंद राय बुधवार तड़के घर से निकला। गांव से 800 मीटर दूर एक पेड़ पर रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। गांव वाले सुबह टहलने निकले तो रस्सी के सहारे पेड़ पर उसका शव लटका देखा।
मृतक मां-बाप का इकलौता पुत्र था। वह एक पुत्र और एक पुत्री का पिता था। पत्नी का नाम लक्ष्मी है। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। संत विजय के माता-पिता बांदा में मकान बनवा कर रहते हैं। ग्रामीणों कहना है कि संतविजय ने कुछ काम के लिए कर्ज लिया था। दीपावली आने पर लोग कर्ज चुकता करने के लिए दबाव बना रहे थे। कर्ज में डूबे होने के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। छोटी दिवाली के दिन घटी इस घटना से गांव में मातम पसर गया।
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