आजमगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र शरजील उस्मानी को फर्जी केस में फंसाए जाने का विरोध में शिब्ली नेशनल कालेज और डीएवी पीजी कालेज के छात्रों ने राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन बृहस्पतिवार को डीए को सौंपा। जल्द से जल्द रिहा किए जाने की मांग किया। सेराज अहमद ने कहा कि शरजील उस्मानी आजमगढ़ का मूल निवासी है। उसके पिता डा. तारिक उस्मानी शिब्ली नेशनल कालेज में भूगोल विभागाध्यक्ष हैं। बेकसूर छात्र शरजील पर पुलिस ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने और दंगा भड़काने का फर्जी आरोप लगाते हुए संगीन धाराओं के तहत गिरफ्तार किया। सेराज ने जल्द से जल्द रिहा किए जाने की मांग की। कमर कमाल ने कहा कि सरकार को फर्जी गिरफ्तारियों पर पाबंदी लगानी चाहिए। उन्होंने निर्दोषों की गिरफ्तारी बंद किए जाने की मांग की। तरुण सुल्तान ने कहा कि शरजील उस्मानी एक होनहार सीधा-साधा छात्र है। सीएए, एनआरसी के तहत उसकी गिरफ्तारी गलत हुई है। शारिक खान आजमी ने कहा कि सरकार बेकसूरों को जेल में डाल रही है और आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही है। हरिकेश यादव ने कहा कि तानाशाही करने वाली यह सरकार अब ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाली है। अब्दुर्रहमान ने राष्ट्रपति और राज्यपाल से शरजील उस्मानी के ऊपर लगी फर्जी धाराए हटाकर उसे रिहा कराए जाने की मांग किया। इस अवसर पर संजय निषाद, कामरान, अबू हमजा, अबू हासिम, मोहम्मद कामरान, मंजर, मिफ्ता खान आदि उपस्थित रहे।