कृषकों एवं प्रगतिशील कृषकों के फसल अवशेष प्रबंधन कार्याशाला में शामिल किसान।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत छह ब्लाकों में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल अवशेष प्रबंधन कर उसके लाभ लेने के विषय में जानकारी दी। बताया कि कृषकों को पराली नहीं जलानी पड़ेगी। खेतों में ही अवशेष नष्ट किए जा सकते हैं। उप कृषि निदेशक संगम सिंह ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने निर्देश पर कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर छह ब्लाकों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें विकास खंड अहरौला, कोयलसा, अतरौलिया, फूलपुर, पवई एवं मार्टीनगंज शामिल रहा। जिसमें नव निवार्चित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं अन्य ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, कम्बाईन हार्वेस्टर मालिक, सहयोगी कृषको एवं प्रगतिशील कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन तथा कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा संचालित कृषकोन्मुखी योजनाओ की सम्यक जानकारी दी गई। वहीं विकास खंडवार नोडल अधिकारी नामित किए गए थे। जिसमें विकास खंड कोयलसा में जिला कृषि अधिकारी, अतरौलिया में मुख्य पशु चिकित्साधिकरी, अहरौला में जिला गन्ना अधिकारी, फूलपुर में जिला उद्यान अधिकारी व पवई मे कार्यकारी अधिकारी मत्स्य एवं मार्टीनगंज में जिला कृषि रक्षा अधिकारी शामिल रहे। कायर्क्रम में कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा विभाग में चलाई जा रही कृषक हित की योजनाओ की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही साथ सभी विभागों द्वारा सूचनापरक स्टाल भी लगाया गए। फसल अवशेष को सडाकर खाद बनाने की विधि बताई गई। उपस्थित कृषको में नि:शुल्क वेस्ट डिकम्पोजर का वितरण भी कराया गया। कार्यक्रम का वित पोषण कृषि विभाग की योजनाओं से किया गया।