शहर की सड़कों पर एक बार फिर छुट्टा पशु नजर आने लगे हैं। हालांकि सीएम ने 31 मार्च तक अल्टीमेटम दिया था कि पशु सड़कों पर न दिखे। डीएम ने भी आदेश का पालन करने को कहा था। लेकिन स्थिति एकदम इसके विपरीत है। खुले आम सड़कों पर घूम रहे पशु यातायात में बाधक बनने के साथ ही हादसे का सबब भी बन रहे हैं। सरकार ने छुट्टा पशुओं को पकड़कर गो आश्रय केंद्रों में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिले में 87 पशु आश्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां वर्तमान में 8500 पशु रखे गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पूर्व सख्त निर्देश दिए थे कि एक भी पशु सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। इसे लेकर डीएम ने भी बैठक में निर्देश दिए थे। लोगों को उम्मीद थी कि छुट्टा पशुओं को पकड़ कर पशु आश्रय व कान्हा गोशाला में रखा जाएगा, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में छुट्टा पशु घूम रहे हैं। सड़कों पर छुट्टा पशु झुंड में बैठ रहे और घूमते हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रहा है। यही नहीं इनके आपस में भिड़ने के दौरान भगदड़ मच रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.एसके सिंह ने बताया कि छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। यदि शहर में पशु सड़क पर घूम रहे हैं तो उन्हें भी जल्द पकड़कर गोशालाओं में भेजा जाएगा।