आजमगढ़। जनपद की सड़क और खेतों में छुट्टा पशु काल बनकर घूम रहे हैं। उनके हमलों में अब तक 6 लोगों की माैत हो चुकी है। खेतों में फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। सड़कों पर हादसे का सबब बन रहे हैं। इतना नहीं अब तो वह हिंसक भी हो गए हैं। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से पशुओं को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। किसान खेतों पर फसल की रखवाली करते हैं तो हिंसक पशु हमला कर देते हैं। प्रशासन की आंकड़ेबाजी हकीकत से जुदा है। केस स्टडी के साथ पूरी पड़ताल कर खबर की जाएगी।
प्रशासन की आंकड़ेबाजी हकीकत से जुटा है। आंकड़ों की बात करें तो जनपद में 92 गोशाला हैं। इनमें से चार बृहद गोशाला है। उक्त गोशालाओं में इन दिनों करीब साढे आठ हजार पशुओं को संरक्षित कियाग या है। वहीं यदि जिले में पशुओं की संख्या की बात करें तो करीब नौ लाख पशु है, हालांकि यह पुराने आंकड़े हैं। अगर हकीकत में देखा जाए तो प्रशासन को ये भी पता नहीं है कि जिले में कितने छुट्टा पशु घूम रहे हैं। जिम्मेदारों की ओर से केवल आकलन कराने की बात कही जाती है। जिले भर की सड़कों पर छुट्टा पशु घूमते नजर आए। आजमगढ़-मऊ मार्ग, गाजीपुर मार्ग, आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति है। कई बार लोगों को छुट्टा पशुओं के झुंड के बीच से गुजरना पड़ता है। अगर पशु हमला कर दें तो जान जानी पक्की है। बावजूद इसके जिम्मेदार गंभीर नहीं है।
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केस-1
चारपाई पर सो रहे वृद्ध को सांड़ ने पटका, मौत
आजमगढ़। तहबदपुर थाना क्षेत्र के बसही बंदेदासपुर गांव निवासी रमाकर तिवारी 22 अगस्त की रात खाना खाने के बाद मकान के बरामदे के सामने लगे टीन शेड में सोने चले गए। देर रात अचानक एक बड़ा सांड़ आया और उन्हें चारपाई सहित उठाकर फेंक दिया। रमाकर बचने का पूरा प्रयास किए़ लेकिन सांड़ लगातार हमले करता रहा। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार व थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सांड को पकड़वा कर गोशाला भेजवा दिया।
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केस-2
सांड के हमले से घायल व्यक्ति की हुई थी मौत
आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मसोना गांव निवासी राजेश कुमार (46) 16 अप्रैल 2023 को रजादेपुर बाजार से घरेलू सामान खरीदने गए थे। सामान लेकर वह घर लौट रहे थे। वह जैसे ही अहिरौली मोड़ के पास पहुंचे तभी सांड ने उनपर हमला कर दिया। इस हमले से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए सीएचसी अजमतगढ़ में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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एक नजर विभागीय आंकड़ों पर
- जिले में 92 पशु आश्रय स्थल है।
- इनमें चार वृहद गोशाला है।
- 77 अस्थायी गोशाला है।
- 10 नगर निकायों व नगर पालिकाओं में कान्हा गोशाला है।
- चार वृहद गोशाला निर्माणाधीन है।
- उक्त सभी गोशालाओं में कुल साढ़े आठ हजार पशु संरक्षित हैं।
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जिले में पशुओं को पकड़ने का काम किया जा रहा है। इसी माह में 218 पशुओं को पकड़ कर संरक्षित किया गया है। बारिश के कारण अभियान थोड़ा धीमा था अब अभियान में तेजी लाकर पशुओं को पकड़ा जाएगा। ताकि किसानों और राहगीरों को राहत मिल सके।
- डा. मुकेश गुप्ता, सीवीओ आजमगढ़।