कप्तानगंज। कप्तानगंज से कंधरापुर की दूरी लगभग पांच किमी है। इस दूरी में हर 150 मीटर से 300 मीटर पर एक अवैध कट है। जिनसे दुर्घटना की आशंका प्रायः बनी रहती है। इसके बाद भी जिम्मेदार कागजों में सब कुछ ओके बताकर मौन साध रखे हैं।
अवैध कट के कारण अक्सर दुघर्टनाएं होती हैं। जिसे देखते हुए शासन और जिला प्रशासन की ओर से जिम्मेदारों को इन अवैध कटों को बंद करने का निर्देश दिया गया था। जिम्मेदारों का दावा है कि उनके द्वारा अवैध कटों को बंद कर दिया गया है। लेकिन आज भी हाईवे पर अवैध कट के जरिए लोग आवागमन करते हैं। हाईवे पर अवैध कट के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए डीएम की ओर से एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को अपने-अपने मार्गों पर अवैध कट बंद करने का निर्देश दिया गया था। जिसके क्रम में इनके द्वारा आजमगढ़ से रानी की सराय होते हुए जौनपुर और वाराणसी जाने वाले मार्ग और आजमगढ़ से मऊ जाने वाले मार्ग पर बने अवैध कट को बंद कराया गया लेकिन आजमगढ़ से कप्तानगंज होते हुए अतरौलिया को जाने वाले मार्ग पर हुए अवैध कट को बंद नहीं कराया गया। कंधरापुर से लेकर कप्तानगंज तक लगभग पांच किमी की दूरी में ऐसे अनगिनत अवैध कट को आसानी से देखा जा सकता है। कंधरापुर बाजार से लगभग दो से तीन किमी की दूरी पर मंदुरी हवाई अड्डा है। इस हवाई अड्डे से कप्तानगंज बाजार की दूरी महज दो से तीन किमी है। लेकिन इतनी दूरी में ही कुल 6 अवैध कट बने हुए हैं। वहीं कप्तानगंज से लखमीपुर पेट्रोल पंप तक 9 अवैध कट बन हुए हैं। सभी कट 150 मीटर से 300 मीटर तक की दूरी पर कटे हुए हैं। एक सप्ताह पूर्व एनएच 233 के कर्मचारी कट वाले रास्ते की खोदाई कर इसमें बाधा बना उत्पन्न कर चुके हैं। लेकिन, अब तक इसे बंद करने के लिए उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।