संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के कोट चौराहे पर कातिलाना हमले के मामले में 10 आरोपियों को कोर्ट की ओर से 15 फरवरी को दोषमुक्त कर दिया गया। इस शिकायत को दर्ज कराने वाले सपा एमएलसी खुद अपने ही बयान से मुकर गए। इसके लिए कोर्ट ने उनके खिलाफ प्रकीर्ण वाद दाखिल करने का आदेश दिया है। सपा एमएलसी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने बसपा से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की थी। 2012 में वह पहली बार मुबारकपुर से मैदान में उतरे और विधायक बने। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में वह एक बार फिर से विधानसभा का चुनाव जीते। 2014 में सपा मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव के खिलाफ बसपा ने उन्हें आजमगढ़ में लोकसभा का टिकट दिया। वह चुनाव लड़े। 2021 में इन्होंने बसपा से इस्तीफा दे दिया और सपा से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में जब सपा ने उन्हें मुबारकपुर से प्रत्याशी नहीं बनाया तो उन्होंने एआईएमआईएम का दामन थामा और मैदान में कूद पड़े। इनके मैदान में आने के बाद सपा ने इसे प्रतिष्ठा की सीट बना लिया। उसने सपा के दिग्गज नेता अबू आसिम आजमी को भी मैदान में उतार दिया। इसी दौरान पांच मार्च 2022 को कोट चौराहे पर कातिलाना हमले का आरोप लगाते हुए छह मार्च को शाह आलम गुड्डू जमाली ने नगर कोतवाली में 10 नामजद सहित 30-40 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था।