सदन में बोलते मुबारकपुर विधानसभा के विधायक अखिलेश यादव । संवाद
- फोटो : kathua news
आजमगढ़। विधानसभा सत्र में सपा विधायकों ने सोमवार को सदन में मुद्दे उठाए। इसमें बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, बदहाल बिजली व्यवस्था, मुसलमानों के साथ हो रहे भेदभाव, गन्ना किसानों के हालात और राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर के मामले छाए रहे। गोपालपुर से सपा विधायक नफीस अहमद ने विधानसभा सदन में सरकार से सीधा सवाल किया। विधायक ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, बेलगाम महंगाई, बदहाल बिजली व्यवस्था, अल्पसंख्यक मुसलमानों के साथ हो रहे भेदभाव और गन्ना किसानों की जर्जर होती हालत पर जवाब मांगा। कहा कि यह लोगों का हक-हुकूक कोई खैरात नहीं है, यह उनका संवैधानिक अधिकार है। कहा कि समाजवादी विधायक जनता के हक के लिए सदन से सड़क तक आवाज़ उठाने का काम करने से नहीं डरेंगे। चक्रपानपुर : राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर से आउटसोर्स आधार पर कार्यरत 110 कर्मचारियों के निष्कासन का मामला एक बार फिर विधानसभा में उठाया गया। मुबारकपुर के विधायक अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अनुपूरक प्रश्न के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कर्मचारियों के शोषण पर सवाल खड़े किए । स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि निष्कासित कर्मियों को जल्द ही अन्य खाली पदों पर समायोजित किया जाएगा। विधायक ने कहा कि आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज से 110 आउटसोर्स कर्मचारियों को बेरहमी से निष्कासित कर दिया गया है। इन्हीं कर्मचारियों की जमीन राजकीय मेडिकल बनाने में गई थी। इनके परिवार के एक लोग को नौकरी देने की बात कही गई थी। प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण ब्रजेश पाठक ने जवाब देते हुए कहा कि ये निष्कासित कर्मचारी मुझसे मिले हैं और मामला संज्ञान में है। मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया हैं कि इन्हें मेडिकल कॉलेज के अन्य खाली पदों पर समायोजित किया जाएगा। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कर्मचारियों की तरफ से लड़ाई लड़ने वाले अजय यादव ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के आश्वासन से हम कर्मचारियों में उत्साह जागी है। सरकार को आउटसोर्स नीति की समीक्षा करनी चाहिए।
सदन में बोलते मुबारकपुर विधानसभा के विधायक अखिलेश यादव । संवाद- फोटो : kathua news