आजमगढ़। सोशल ऑडिट में धीरे-धीरे संस्थाओं द्वारा किए गए गबन की पोल खुलने लगी है। एक ऐसे ही गबन का मामला सगड़ी तहसील के करखिया स्थित श्री सुभाष इंटर काॅलेज का आया है। जिसमें प्रधानाचार्य द्वारा जेडी और डीआइओएस को पत्र भेजकर प्रबंध समिति पर 69 लाख छह हजार 815 रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
श्री सुभाष इंटर कालेज करखिया में 2001 से लेकर 2023 तक कराए गए कार्यों की जांच जिला लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा की गई है। जिसमें उनके द्वारा 69 लाख छह हजार 815 रुपये का गबन पकड़ा गया है। इसके लिए जिला लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा प्रबंधक और प्रधानाचार्य को पत्र जारी किया गया है। इसमें सोशल आडिट में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा 56 लाख 10 हजार रुपये की आर्थिक क्षति संदाय के संपतियों की, प्राभूत कोष से तीन लाख 27 हजार रुपये, प्राभूत कोष से 64 हजार 750 रुपये का अनियमित व्यय, पेड़ों की बिक्री में आठ लाख रुपये का गबन और विकास निधि से 2002-03 में एक लाख चार हजार 500 रुपये के गबन का मामला पकड़ा गया है।
इस गबन का पत्र मिलने के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश सिंह द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक और संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र जारी किया गया। जिसमें उनके द्वारा विद्यालय के लिपिक व तत्कालीन प्रधानाचार्य एक लाख 38 हजार 152 रुपये छात्रों से लिए गए शुल्क को बैंक खाते में जमा न करने का आरोप लगाया है। उनके द्वारा अधिकारियों से उक्त मामले में विधिक कार्रवाई करने की मांग की गई।
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने कार्यालय में बैठकर ही हमारे विद्यालय की ऑडिट कर दी। जिसके खिलाफ आरोप होता है उसको मेमो जारी होता है। जिस पर वह स्पष्टीकरण देता है लेकिन हमें कोई मेमो भी जारी नहीं किया गया और ही हमसे कोई स्पष्टीकरण मांगा गया। एकतरफा कार्रवाई की गई है।
- महेंद्र प्रताप सिंह, प्रबंधक, श्री सुभाष इंटर काॅलेज करखिया।
विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा विद्यालय में 69 लाख से अधिक रुपये का गबन किया गया है। जिसका पत्र जिला लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा हमें भेजा गया है। मैंने डीआईओएस, संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर विधिक कार्रवाई की मांग की है। - बृजेश सिंह, प्रधानाचार्य, श्री सुभाष इंटर काॅलेज करखिया।
इस संबंध में शिकायती पत्र मिला है लेकिन अभी तक अवलोकन नहीं किया गया है। अगर जांच में गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। - मनोज मिश्रा, डीआईओएस।
इस संबंध में शिकायती पत्र मिला है लेकिन अभी तक अवलोकन नहीं किया गया है। अगर जांच में गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज मिश्रा, डीआईओएस।