आजमगढ़। शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन में दो प्रधानाचार्यों व दो अध्यापकों की ओर से कॉपियों के मूल्यांकन न करके उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर बनाने के मामले में डीआईओएस वीरेंद्र प्रताप सिंह की ओर से चारों को परिषदीय परीक्षाओं से डिबार करने की पेशकश की है।
इस मामले की शिकायत आने पर जब इसकी जांच की गई तो आरोप सही मिले। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक के पत्र पर डीआईओएस ने अपर सचिव के पास इन चारों को परिषदीय परीक्षाओं से डिबार करने से संस्तुति की है।
जागृति सेवा संस्थान की ओर से 29 सितंबर 2023 को इस आशय की शिकायत की गई। इसमें कहा गया कि शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज आजमगढ़ में इंटर की मूल्यांकन केंद्र पर टोली-19 इतिहास में मौलाना आजाद इंटर कॉलेज अंजान शहीद आजमगढ़ से दो परीक्षक मुहम्मद शाहेदीन व मुहम्मद सालिम खां नियुक्त थे। मूल्यांकन में शिक्षक संगठन की ओर से बहिष्कार किया जा रहा था। मूल्याकंन की गति धीमी थी। परिषद की ओर से मूल्यांकन के लिए सख्त निर्देश भी थे कि मूल्यांकन सभी नियुक्त परीक्षकों से कराया जाए। प्रधानाचार्य व उपनियंत्रक शिब्ली कॉलेज और मुहम्मद शाहेदीन मौलाना आजाद इंटर कालेज अंजान शहीद की आपसी सहमति से मुहम्मद सालिम खां की ओर से आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं के साथ ही मुहम्मद शाहेदीन के नाम से कुछ उत्तर पुस्तिकाएं जांच कर चढ़ाया गया और हस्ताक्षर बनाए गए। लगभग एक सप्ताह बुक पर यह खेल चलता रहा। इसी बीच संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय ने औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के बाद ही उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या मुहम्मद सालिम खां द्वारा अपनी आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं में सम्मिलित कर लिया गया। मुहम्मद शाहेदीन द्वारा अपने विद्यालय मौलाना आजाद इंटर कालेज अंज्ञानशहीद में उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर बनाकर उपस्थिति दिखाई गई। जांच में पुष्टि होने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इन चारों को डिबार करने की संस्तुति के लिए पत्र भेज दिया।
इन पर हुई कार्रवाई
जैद नुरूल्लाह, प्रधानाचार्य, शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज
मनोज कुमार, प्रवक्ता, उद्योग विद्यालय इंटर कालेज कोयलसा
मुहम्मद शाहेदीन, प्रवक्ता व प्रभारी प्रधानाचार्य मौलाना आजाद इंटर कालेज अंजानशहीद
सालिम खां, सहायक अध्यापक, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज
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मूल्यांकन परीक्षा में इन चारों की ओर से गड़बड़ी की गई थी। जांच में पुष्टि होने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर इन सभी को परिषदीय परीक्षा से डिबार किए जाने की संस्तुति की गई है।
वीरेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस।