आजमगढ़। जनहित के कार्यों का हवाला देकर नगर पालिका ने आखिरकार राजघाट पर दस वर्ष पहले मशहूर समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा लगाए गए पेड़ को काट दिया। जबकि इस पेड़ को बचाने के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व और प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय आजाद भगत सिंह ने भी निर्देश दिया था। लेकिन नगर पालिका ने उनके निर्देशों को दरकिनार कर मंगलवार को दोनों पेड़ों को काट दिया। एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा पौधरोपण अभियान के तहत करोड़ों पौधे रोपित कर रिकार्ड बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभाग ही पूर्व में लगाए गए पेड़ों को काटने में जुटे हुए हैं। कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को नगर से सटे अजमतपुर कोडर ग्राम सभा स्थित राजघाट पर देखने को मिला। जहां नगर पालिका ने जनहित का हवाला देकर यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण करा रहा है। वहीं पहले से बने यात्री प्रतीक्षालय की टाइल्स तक उखड़ चुकी है उसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। इस बात को लेकर सामाजिक संगठन भारत रक्षा दल भी प्रशासन को शिकायती पत्र सौंप चुका है। इसकी शिकायत जब प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह से हुई थी तो उन्होंने नगर पालिका के ईओ को यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण में बाधक बन रहे पेड़ों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्देश दिया था, लेकिन नगर पालिका ने निर्देशों को दरकिनार कर दो पेड़ों को शहीद कर दिया। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इसमें से एक पेड़ को मशहूर समाजसेवी अन्ना हजारे ने वर्ष 2013 में लगाया था। इतना ही नहीं इन पेड़ों को काटने से पहले नगर पालिका द्वारा वन विभाग से एनओसी भी नहीं ली गई। इस मामले में डीएफओ गंगादत्त मिश्रा ने बताया कि नगरपालिका की ओर से किसी भी हरे पेड़ को काटने के लिए हमसे कोई इजाजत नहीं ली गई है। अगर उनके द्वारा हरे पेड़ को काटा गया है तो यह गलत है। इसके लिए उनके खिलाफ हमारी ओर से कार्रवाई की जाएगी। वही भारत रक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने कहा कि पेड़ों को बचाने के लिए हमारी ओर से प्रशासन को पत्र भी भेजा गया था। लेकिन नगर पालिका ने मनमाने तरीके से दोनों पेड़ों को काट दिया। इसके लिए हम ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन कर चुके हैं। वहीं नगरीय निकाय के प्रभारी अधिकारी का कहना था कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है लेकिन में इस बारे में पता करता हूं। अगर नगर पालिका द्वारा ऐसा किया गया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।