जिला अस्पताल के शवगृह के पीछे शनिवार को भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां के कूड़े में फेंके जाने के मामले में अस्पताल प्रशासन कार्रवाई के मूड में है। उसने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम में मिली थी जो अभी तक एक्सपायर भी नहीं हुए थे। सीएमएस ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। वहीं, मामले में चार फार्मासिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुछ दिन पूर्व शवगृह के पीछे भारी मात्रा में सरकारी दवाएं फेंकी गई थी। जिसकी एक्सपायरी तिथि अभी बची थी। स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन उन दवाइयों को एकत्र कर वहां से हटा दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि शवगृह जिला अस्पताल के अंदर में आता है इसकी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की होती है। मामले में चिकित्सा अधीक्षक डा. रीता दुबे ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। जिसमें डॉ. एसके विमल, डॉ. रामकेवल पासवान, डॉ. अमोद कुमार शामिल हैं। वहीं जिला अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट रामानंद यादव, अनिल राय, अनिल चौधरी और विश्राम यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।