जहानागंज। क्षेत्र के प्रतिष्ठित शेरपुर कुटी के नए महंत के चयन की कवायद जनता के विरोध के चलते एक साल के लिए टाल दिया गया है। महंत राम प्रसाद दास की मौत के बाद शनिवार को कुटी पर भंडारे का आयोजन होना था। जिसमें गणेश दास का कुछ संतों ने तिलक कर दिया। जिस पर क्षेत्र की जनता भड़क उठी। विरोध के बीच अयोध्या से आए संत ने समझौता पत्र तैयार करवाया और एक साल बाद महंत का चयन किए जाने की घोषणा की। शेरपुर कुटी के महंत राम प्रसाद दास का निधन हो चुका है। शनिवार को कुटी पर भंडारे का आयोजन था। जिसमें नए महंत का चयन होना था। महंत राम प्रसाद दास निधन के पूर्व ही जहां गणेश दास को वसीयत कर दिया था तो वहीं क्षेत्र की जनता रामकृष्ण दास को यहां का महंत बनाना चाहती है। उत्तराधिकार को लेकर विवाद के बीच शनिवार की सुबह कुछ संतों ने गणेश दास का तिलक कर दिया। जिस पर जनता भड़क उठी। इस दौरान पुलिस व पब्लिक के बीच कुछ झड़प भी हुआ। बाद में लोगों के आक्रोश को देखते हुए अयोध्या निर्माणी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने लोगों को शांत कराया और मौके पर ही स्टांप पर एक समझौता पत्र तैयार किया गया। जिसमें एक साल तक उत्तराधिकारी का चयन टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि सालभर तक गणेश दास व रामकृष्ण दास पूजा-पाठ करते रहेंगे। इसके बाद तीनों अखाड़ों के लोग यहां आएंगे और जनता के साथ बैठक कर नए महंत का चयन किया जाएगा। स्टांप पर अयोध्या के महंत धर्मदास के अलावा गणेश दास व रामकृष्ण दास के भी हस्ताक्षर है। वहीं विवाद की स्थिति को देखते हुए पास में स्थित प्राथमिक विद्यालय व कुटी द्वारा संचालित इंटर कालेज को बंद दिया गया था। उत्तराधिकार के विवाद को देखते हुए शुक्रवार से ही कुटी पर भारी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी गई थी। शनिवार की सुबह एसपी सिटी शैलेंद्र लाल, सीओ सिटी सौम्या सिंह, एसडीएम जेआर चौधरी के अलावा जहानागंज, मुबारकपुर व मेंहनाजपुर थाने की फोर्स के साथ ही भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे।
कुटी के नाम है काफी जमीन
जहानागंज। उत्तराधिकारी के दावेदार रामकृष्ण दास ने बताया कि मंदिर के नाम पर सौ बीघा जमीन थी जो अब अस्सी बीघा ही रह गई है। शेष भूमि क्या हुई यह कोई नहीं बता पा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को कुटी पर आयोजित भंडारे में 15 हजार लोग शामिल हो रहे है। महंत राम प्रसाद दास का निधन 14 जुलाई को हुआ था। शनिवार को भंडारे का आयोजन हुआ है।
पुलिस के खदेड़ने पर भड़क गए थे लोग
जहानागंज। कुछ संतो द्वारा जब गणेश दास का तिलक कर दिया गया तो वहां मौजूद भक्तों ने विरोध किया। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया। तो लोग भड़क उठे और पुलिस से भिड़ने को तैयार नजर आए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए ही उत्तराधिकारी के चयन को टाल दिया गया।