जिले में स्कूल जाने से वंचित गंभीर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। उनके घर को ही पाठशाला बनाया जाएगा। स्पेशल एजुकेटर उन्हें पढ़ाने के लिए घर पहुंचेंगे।
ऐसे 8774 बच्चों को चिन्हित कर होम बेस्ड एजुकेशन दी जाएगी। बच्चों को पढ़ाई से संबंधित किट का वितरण कर दिया गया है। शासन दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने पर पूरा जोर दे रहा है। ऐसे बच्चों को शिक्षित करने के लिए समेकित शिक्षा अभियान चल रहा है। दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्टाईपेंड, एस्कार्ट योजना, उपकरण वितरण सहित कई अन्य योजनाएं पहले से ही चलाई जा रही हैं। इसके बाद भी तमाम ऐसे बच्चे हैं जो गंभीर रूप से दिव्यांग होने के कारण स्कूल आने-जाने में असमर्थ हैं।
योजना के अंतर्गत लर्निंग मेटेरियल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री की एक किट चिन्हित बच्चों को उपलब्ध कराई गई है। इस किट के माध्यम से स्पेशल एजुकेटर्स घर पर जाकर बच्चों को शिक्षित करेंगे। जिले में 59 विशेष प्रशिक्षक व एक फिजियोथेरेपिस्ट लगाए गए हैं। प्रत्येक ब्लाॅकों में तीन विशेष प्रशिक्षक को जिम्मेदारी दी गई है।
जेम पोर्टल से होगी खरीदारी
बहु दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए शिक्षण सामग्री और स्टेशनरी सामग्री की खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से होगी। इसके लिए शासन ने एक समिति का गठन किया है। इसमें बीएसए को अध्यक्ष बनाया गया है। सहायक वित्त लेखाधिकारी को सदस्य, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा को सदस्य सचिव, जिला समन्वयक एमआईएस को सदस्य नियुक्त किया गया है।
बच्चों को मिलेगी यह सामग्री
गंभीर रूप से बहु दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड शिक्षा के लिए दर्जनों सामग्रियां मिलेंगी। इसमें वुडेन प्लास्टिक के विभिन्न मॉडल, अंग्रेजी व हिंदी में अल्फाबेटिक, नंबर आकार आकृतियों का पजल, शरीर के अंग, फल, सब्जियां, यातायात के साधनों के चार्ट, विभिन्न प्रकार के पेग बोर्ड, म्यूजिकल इक्विपमेंट, किचन व डॉक्टर सेट, विभिन्न प्रकार के पिक्टोरियल चार्ट्स, पशु-पक्षियों के चार्ट, काउंटिंग फ्रेम, स्टैकिंग ट्वायेज, रैटल, लाइट प्रोड्यूसिंग खिलौने सहित अन्य सामग्री सम्मिलित होगी।
एक नजर आंकड़ों पर
लक्ष्य : 9742
प्रमाणित : 9354
नामांकित : 9354
प्रेरणा से लिंक : 8774
शासन की ओर से बहु दिव्यांग बच्चों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से होम बेस्ड शिक्षा के माध्यम से विभिन्न सामग्रियों को उपलब्ध कराया जाएगा। जेम पोर्टल से इनकी खरीदारी होगी। इसके लिए विशेष प्रशिक्षक व एक फिजियोथेरेपिस्ट लगाए जाएंगे।
समीर, बीएसए, आजमगढ़