शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत हर निजी स्कूलों को निर्धारित सीटों में से गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश लेना है। आजमगढ़ में बीएसए ने गरीब बच्चों का प्रवेश लेने के लिए विद्यालयों को आदेश जारी किया है।
इसके बाद भी कई नामचीन स्कूलों ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों का दाखिला नहीं लिया। इसे लेकर संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक ने बीएसए से रिपोर्ट तलब की है। बाल अधिकार संरक्षण योजना के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का जनपद स्तर पर चयन व विद्यालय आवंटन कर संबंधित विद्यालयों को प्रवेश देने के लिए निर्देश थे।
इसके अंतर्गत सत्र 2019 से 2021 के मध्य योजनांतर्गत विद्यालय तो आवंटित हुआ लेकिन किन्हीं कारणों से प्रवेश नहीं हो पाया है। उपरोक्त के संबंध में किन-किन विद्यालयों द्वारा सत्र-2019-2021 के मध्य चयनित बच्चों का प्रवेश नहीं लिया गया है।
उनके विरुद्ध बीएसए स्तर से की गई कार्रवाई के संबंध में आख्या तत्काल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कुछ विद्यालयों द्वारा दाखिला लेने के लिए हीलाहवाली की गई थी उन्हें नोटिस भी भेजा जा चुका है। शासन का जैसा आदेश होगा उसी हिसाब से कार्य किया जाएगा।