आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जाएगा। शिक्षकों पर से रजिस्टरों के रखरखाव का बोझ कम किया जा रहा है। अब उन्हें 40 की बजाए मात्र 14 रजिस्टर रखने होंगे। यह कदम विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों को अधिक समय देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। इसके लिए बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देश भी जारी किए हैं।अब तक विद्यालयों में 40 से अधिक रजिस्टर व्यवहार में लाए जा रहे थे। अब इनकी संख्या घटा कर मात्र 14 की जा रही है। इनमें शिक्षक डायरी, उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, समेकित नि:शुल्क सामग्री वितरण पंजिका, स्टाक पंजिका, आय व्यय पंजिका, चेक इश्यू पंजिका (बजट पर), बैठक पजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका, बाल गणना पंजिका, पुस्तकालय एवं खेलकूद पंजिका शामिल हैं। सभी तरह के रजिस्टर के प्रारूप राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे। अब तक प्रयोग हो रहे सभी रजिस्टरों को अभिलेख के रूप में संरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा प्रवेश पंजिका का विवरण, एमडीएम पंजिका, निरीक्षण पंजीका के ऑनलाइन विकल्प प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे। जिससे समय-समय पर अपडेट भी किया जाएगा। आनलाइन प्राप्त विवरण और रजिस्टर में दर्ज जानकारी में अंतर होने पर प्रधानाध्यापक और बीईओ को जिम्मेदार माना जाएगा। प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय ने बताया कि पारदर्शिता लाने के लिए धीरे-धीरे सारी व्यवस्थाएं बदल रही हैं। सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है। अब कुछ भी किसी से छिपेगा नहीं। शिक्षकों का भार कम होगा तो वह बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सकेंगे।