उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभी दल अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। सपा अपनी खोई जमीन वापस पाना चाहती है, जबकि भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। जनता का मूड जानने के लिए अमर उजाला ने 'सत्ता का संग्राम' अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत टीम प्रदेश की सभी विधानसभाओं में लोगों से बात कर रही है। वे भाजपा सरकार के कामकाज, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जनता की राय जान रहे हैं। इसी क्रम में अमर उजाला की टीम ने किसानों, व्यापारियों, छात्राओं, महिलाओं और युवाओं से आजमगढ़ जिले की अतरौलिया विधानसभा सीट का जायजा लिया।
अतरौलिया के व्यापारी सरकार के कामकाज को लेकर क्या बोले
अमर उजाला के 'सत्ता के संग्राम' कार्यक्रम के तहत टीम आजमगढ़ जिले की अतरौलिया विधानसभा सीट पहुंची। यहां व्यापारियों से उनके मत जाने गए। व्यापारी वर्ग वर्तमान सरकार के पिछले 10 साल के कामकाज से काफी संतुष्ट नजर आया। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, 18 घंटे बिजली आपूर्ति और जीएसटी लागू होने को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। व्यापार मंडल अध्यक्ष अतरौलिया हिमांशु विनायकर ने कहा कि व्यापारी इस सरकार में सुरक्षित महसूस कर रहा है। पहले पैसा लेकर बैंक जाते समय लूटपाट की घटनाएं आम थीं, जो अब खत्म हो गई हैं। किराने का व्यवसाय करने वाले शिवम गुप्ता और कपड़े का व्यवसाय करने वाले सागर सोनी जैसे व्यापारियों ने भी सुरक्षा में सुधार और गुंडा राज खत्म होने की बात कही। हालांकि, अतरौलिया विधानसभा में स्थानीय विकास कार्यों को लेकर व्यापारियों में असंतोष है। व्यापारियों का कहना है कि अतरौलिया में सड़कें और नालियां खराब पड़ी हैं। नगर पंचायत में पानी की एक ही टंकी है, जिससे इतनी बड़ी आबादी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। हिमांशु विनायकर के अनुसार, यहां 15 साल से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। इस कारण प्रदेश सरकार के काम धरातल पर नहीं दिखते। शिवम गुप्ता ने विधायक को 10 में से शून्य अंक दिए, क्योंकि वे कभी क्षेत्र में नहीं आते। व्यापारियों को राहत तभी मिल पाएगी जब यहां से एनडीए का कोई विधायक बनेगा। जातिवाद की राजनीति को भी इसका एक कारण बताया गया।
योगी सरकार में अतरौलिया के किसान कितने खुशहाल?
अतरौली विधानसभा सीट पर किसानों ने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया है। किसानों का कहना है कि योगी सरकार ने किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और जीवन स्तर सुधरा है। लक्ष्मीकांत पांडे, जो खेती से जुड़े हैं, ने बताया कि धान, गेहूं और सरसों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाई गई है। साथ ही, मुफ्त बोरिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में योगी सरकार ने अच्छा काम किया है, खासकर लॉ एंड ऑर्डर के क्षेत्र में। पहले रात में निकलना मुश्किल था, लेकिन अब महिलाएं भी सुरक्षित महसूस करती हैं। रजनीकांत ने बताया कि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और डिजिटलीकरण के कारण योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 तक धान-गेहूं ₹700-₹800 क्विंटल बिकता था, जो अब लगभग तीन गुना हो गया है। एमएसपी पर फसल बेचने में भी आसानी हुई है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है। युवा किसान विशाल सिंह ने भी किसानों के लिए सरकार के कामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बढ़ी है, किसानों के लिए योजनाओं में सब्सिडी मिल रही है, और बिचौलिए खत्म हुए हैं। डेयरी को भी बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले पारदर्शिता की कमी थी, लेकिन अब केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) जैसी सुविधाएं सभी के लिए उपलब्ध हैं।हालांकि, किसानों ने स्थानीय विधायक के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया।
पांच साल में सपा विधायक के काम पर क्या बोली जनता?
अतरौली विधानसभा सीट पर लोगों ने प्रदेश सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था में सुधार की सराहना की है, लेकिन स्थानीय विकास कार्यों पर चिंता व्यक्त की है। संतोष चौबे ने कहा कि योगी सरकार ने सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम किया है, जिससे महिलाएं रात में भी सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि पहले शाम को घर लौटना मुश्किल था, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, अनीश ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काम ठीक है, लेकिन अतरौलिया विधानसभा में कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्होंने इसका कारण विपक्ष का विधायक होना बताया और कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा रोड, बिजली और पानी है। उन्होंने विधायक को 10 में से पांच नंबर दिए। दयानंद तिवारी ने सरकार की नीतियों और कार्यशैली की प्रशंसा की और कहा कि माफिया और अपराधी अब सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने आजमगढ़ को विश्वविद्यालय देने जैसे विकास कार्य किए हैं, भले ही यहां से कोई विधायक या सांसद न जीता हो। शैलेश कुमार पांडे ने कहा कि अतरौलिया विधानसभा में कोई काम नहीं हुआ है और वे राजनीति के शिकार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में अच्छा काम किया है, लेकिन यहां नेतृत्व की कमी है। उन्होंने सड़क की खराब स्थिति और गौशाला की अव्यवस्था का भी जिक्र किया।
अतरौलिया में महिलाओं को सरकार की योजनाओं का कितना लाभ?
अतरौली विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं ने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पीएम विश्वकर्मा योजना और महिला स्वयं सहायता समूहों से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है।संगीता मौर्या और अनुराधा मिश्रा ने बताया कि पहले की तुलना में अब महिलाएं अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं और रात में भी बाहर निकल सकती हैं। उन्होंने लोहरा गांव में सड़क निर्माण जैसे स्थानीय विकास कार्यों की भी सराहना की। महिलाओं ने बताया कि किसान सम्मान निधि, राशन, वृद्धा पेंशन, आवास और बिजली जैसी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं पैसे इकट्ठा कर जरूरत पड़ने पर लाखों रुपये तक का ऋण प्राप्त कर रही हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं।
सुमन सिंह ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में गुंडागर्दी कम हुई है और महिलाएं निडर होकर आ-जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। हालांकि, महिलाओं ने विकास कार्यों में और अधिक सुधार की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि पहले की तुलना में स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन कुछ और बेहतर होने की आवश्यकता है। चुनाव के मद्देनजर, वे सरकार के अच्छे कामों और महिला सुरक्षा को महत्व देते हुए योगी सरकार को ही चुनने की बात कह रही हैं।
अतरौली में योगी सरकार के काम पर जनता कितनी संतुष्टि?
अतरौली विधानसभा सीट पर लोगों ने योगी सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों, विशेषकर कानून व्यवस्था में सुधार की सराहना की है। उदयभान यादव ने बताया कि पुलिस तुरंत मदद के लिए आती है और गरीबों का सहयोग करती है। उन्होंने कहा कि पहले शाम 7-8 बजे के बाद गाड़ी लेकर निकलना मुश्किल था, क्योंकि छीना-झपटी या मारपीट की घटनाएं होती थीं, लेकिन अब डर खत्म हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब नौकरी केवल पढ़ने वाले लड़कों को मिल रही है, जुगाड़ से नहीं। विनोद कुमार, एक पूर्व सभासद, ने भी सुरक्षा कवच मिलने की बात कही और कहा कि पहले की तुलना में अब शिकायत करना और सुरक्षा पाना आसान हो गया है। उन्होंने यह भी माना कि सरकार ने कुछ अच्छा काम किया है, लेकिन कुछ लोग इसे आगे बढ़ने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सड़कों के चौड़ीकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। पिंटू गुप्ता ने योगी आदित्यनाथ को अब तक का सबसे अच्छा मुख्यमंत्री बताया और अस्पताल, बिजली, पानी और नौकरी जैसी सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले नौकरी जुगाड़ से मिलती थी, लेकिन अब केवल पढ़ने वाले लड़कों को मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अतरौली में काम हुआ है, लेकिन विधायक के कार्यकाल में उतना नहीं हो पाया है, खासकर जब से उनकी सरकार नहीं है। उन्होंने बीजेपी को इस बार अधिक सीटें मिलने की उम्मीद जताई, बशर्ते अच्छे उम्मीदवार हों। उन्होंने विधायक को 10 में से आठ नंबर दिए। हालांकि, कुछ लोगों ने स्थानीय विधायक के कामकाज पर सवाल उठाए।