इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर फायरिंग हुई। चौकी प्रभारी अंबारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। लेकिन इस प्रकरण में नामजद किए गए किसी भी व्यक्ति ने जमानत नहीं कराया। जबकि कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी हुआ था।
जिसमें पूर्व सांसद व वर्तमान विधायक फूलपुर-पवई भी शामिल थे। सोमवार को वो जमानत के लिए कोर्ट पहुंचे थे। जहां से उन्हें जमानत तो नहीं मिली लेकिन कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उन्हें न्यायालय से ही जेल भेज दिया।