1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान वीरगति प्राप्त करने वाले वीर अब्दुल हमीद की जयंती शनिवार को चकला स्थित एक कांप्लेक्स में मनाई गई। यूनाइटेड फ्रंट इदरीसी समाज की तरफ से अब्दुल हक वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में लोगों ने उन्हें नमन किया।
मुख्य वक्ता जिला योजना समिति के सदस्य व सभासद मोहम्मद अफजल इदरीसी ने कहा कि अब्दुल हमीद का जन्म गाजीपुर जनपद के धामपुर गांव में 1 जुलाई 1933 को हुआ था। अब्दुल हमीद इदरीसी दर्जी बिरादरी से थे। वीर अब्दुल हमीद भारतीय सेना की चार ग्रेनेडियर में एक सिपाही थे। जिन्होंने 1965 के भारत पाक युद्ध के दौरान खेमकरण सेक्टर में वीरता का परिचय देते हुए 10 सितंबर 1965 को वीरगति प्राप्त हुए।
उन्हें मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च सेना पुरस्कार परमवीर चक्र मिला। यह पुरस्कार भारत-पाक युद्ध के समाप्त होने के एक सप्ताह से भी पहले 16 सितंबर 1965 को घोषित हुआ। अब्दुल हमीद की असाधारण बहादुरी के लिए उन्हें महावीर चक्र भी दिया गया। उनके इस अदम्य साहस व बलिदान के लिए देश हमेशा ऋणी रहेगा। हम सभी उनके असाधारण बहादुरी को नमन करते हैं। इस मौके पर इसरार अहमद, मोहम्मद समीर, प्यारे अहमद, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद शाहिद, साकिब फैजान, मोहम्मद सैफ आदि उपस्थित थे।